{"_id":"627d2728316e2f290b57f3bf","slug":"big-relief-for-small-taxpayers-6-year-old-files-will-not-open-cbdt-announced-latest-update","type":"story","status":"publish","title_hn":"Big Relief: छोटे करदाताओं के लिए राहत, नहीं खुलेंगी 6 साल पुरानी फाइलें","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Big Relief: छोटे करदाताओं के लिए राहत, नहीं खुलेंगी 6 साल पुरानी फाइलें
Thu, 12 May 2022 08:56 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 12 May 2022 08:56 PM IST
सार
केंद्र सरकार ने 2021-22 के बजट में आईटी असेसमेंट को फिर से खोलने के समय को 6 साल से घटाकर 3 साल कर दिया था। हालांकि आयकर विभाग ने इसके बाद भी तीन साल से ऊपर के टैक्स से जुड़े सभी मामलों में री-असेसमेंट के लिए नोटिस भेज दिया था।
विज्ञापन
सीबीडीटी
- फोटो : Social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छोटे करदाताओं के लिए राहत है। सीबीडीटी ने अधिकारियों से कहा है कि 50 लाख रुपये से कम टैक्स वाली 6 साल पुरानी फाइलें न खोली जाएं। इसके मुताबिक वित्तवर्ष 2012-13, 2013-14 और 2014-15 के दौरान अगर किसी करदाता का टैक्स 50 लाख से कम है तो उसे री-असेसमेंट नोटिस नहीं भेजा जाएगा। सीबीडीटी ने कहा कि 2015-16 और 2016-17 के लिए कारण बताओ नोटिस भेजा जा सकता है। इसके लिए 30 दिनों के भीतर रीअसेसमेंट की प्रक्रिया शुरू कर इसकी जानकारी करदाता को दें।
विज्ञापन
सीबीडीटी ने कर अधिकारियों से कहा है कि वे करदाताओं को री-असेसमेंट के लिए दो हफ्तों का समय दें। साथ ही उनके अनुरोध पर समय को बढ़ा भी सकते हैं। दरअसल, केंद्र सरकार ने 2021-22 के बजट में आईटी असेसमेंट को फिर से खोलने के समय को 6 साल से घटाकर 3 साल कर दिया था। हालांकि आयकर विभाग ने इसके बाद भी तीन साल से ऊपर के टैक्स से जुड़े सभी मामलों में री-असेसमेंट के लिए नोटिस भेज दिया था।
विज्ञापन
हाईकोर्ट में दी गई थी चुनौती
इन नोटिसों को की हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। फिर आयकर विभाग ने सुप्रीमकोर्ट में इन नोटिस को जारी रखने के लिए अपील दायर की। सुप्रीमकोर्ट ने आयकर विभाग के पक्ष में फैसला सुनाया था, पर इसके बाद अब आयकर विभाग ने छोटे करदाताओं को राहत देने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन