India-UK FTA: ब्रिटेन में भारतीय कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत, तीन साल तक सामाजिक सुरक्षा अंशदान से छूट
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को बताया कि डबल कंट्रीब्यूशन कंवेंशन समझौते के तहत भारतीय कामगारों को अब ब्रिटेन में तीन साल तक सामाजिक सुरक्षा योगदान (जैसे पेंशन, पीएफ, आदि) से छूट मिलेगी। भारत और ब्रिटेन ने गुरुवार को एक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किया है।
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विस्तार
ब्रिटेन में काम कर रहे भारतीय कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को बताया कि डबल कंट्रीब्यूशन कंवेंशन समझौते के तहत भारतीय कामगारों को अब ब्रिटेन में तीन साल तक सोशल सिक्योरिटी योगदान से छूट मिलेगी।
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डबल कंट्रीब्यूशन कंवेंशन समझौता क्या है?
यह एक द्विपक्षीय समझौता है जो दो देशों के बीच होता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेश में काम करने वाले व्यक्तियों को एक ही कमाई पर दो बार सामाजिक सुरक्षा योगदान (जैसे पेंशन, पीएफ, आदि) का भुगतान न करना पड़े।
भारत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि
गोयल ने इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय आईटी, सेवाओं और शिक्षा क्षेत्र की प्रतिभाओं को यूके के उच्च मूल्य वाले बाजारों तक आसान पहुंच मिलेगी। गोयल ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी साझा की।
Congratulations to Prime Minister @NarendraModi ji, UK Prime Minister @Keir_Starmer, and the people of India & the United Kingdom on the signing of the landmark India-UK Comprehensive Economic and Trade Agreement (CETA).
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) July 24, 2025
Duty-free access for about 99% of Indian exports unlocks… pic.twitter.com/AWAwVTwtrg
स्टार्टअप्स और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात को मिलेगा बढ़ावा
गोयल के अनुसार यह एफटीए हमारे स्टार्टअप्स के लिए यूके के ग्राहकों, निवेशकों और नवाचार केंद्रों के रास्ते खोलेगा। इससे उन्हें वैश्विक स्तर पर अपनी उपस्थिति बढ़ाने में मदद मिलेगी।भारत-ब्रिटेन एफटीए देश के इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात को भी बढ़ावा देगा। शून्य-शुल्क पहुंच से इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के निर्यात में तेजी आने की उम्मीद है। साथ ही ऑप्टिकल फाइबर केबल और इन्वर्टर के जरिए ब्रिटेन के बाजार में भारत की पकड़ मजबूत होगी।
इससे सॉफ्टवेयर सेवाओं के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। सॉफ्टवेयर और आईटी-सक्षम सेवाओं के लिए ब्रिटेन की महत्वाकांक्षी प्रतिबद्धताओं से नए बाजारों के द्वार खुलेंगे, रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा और भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनियों के लिए अवसर बढ़ेंगे। सॉफ्टवेयर विकास और नेटवर्क अवसंरचना के लिए प्रतिस्पर्धी पहुंच से भी डिजिटल व्यापार में वृद्धि को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
गुरुवार को हुआ एफटीए पर हस्ताक्षर
भारत और ब्रिटेन ने गुरुवार को एक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किया है। इससे ब्रिटिश व्हिस्की, कारों और कई वस्तुओं पर टैरिफ में कटौती होगी। साथ ही, 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने में मदद मिलेगी, जो वर्तमान में 56 अरब डॉलर है।