टैक्स कटौती से अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती, बढ़ेगा निवेश: रेटिंग एजेंसी इकरा
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कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती से भारत में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। ऐसा कहना है रेटिंग एजेंसी इकरा का। 20 सितंबर को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती का एलान किया था, जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इकरा के अनुसार, इससे देश में निवेश बढ़ेगा।
उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
हालांकि रेटिंग एजेंसी के अनुसार, कर में कटौती का असर अलग-अलग सेक्टर में अलग-अलग हो सकता है। लेकिन इसका लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा। इस संदर्भ में इकरा के उपाध्यक्ष शमशेर दीवान ने कहा कि, 'सरकार द्वारा उठाया गया कदम देश में बिजनेस को मजबूत करने वाला है। निश्चित तौर पर इसका असर खपत पर पड़ेगा और यह निवेश को आकर्षित करने में सहायक होगा।'
इन सेक्टर को होगा सर्वाधिक लाभ
इकरा के मुताबिक, ऑयल, गैस, मेटल, माइनिंग और आइटी जैसे सेक्टरों का टैक्स में सबसे ज्यादा योगदान रहता है। एजेंसी ने कहा कि ऑटोमोबाइल, एफएमसीजी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, बिल्डिंग मैटीरियल्स और ऑयल एंड गैस जैसे सेक्टर को टैक्स कट से सबसे ज्यादा लाभ होगा।
वित्त मंत्री ने किया था एलान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घरेलू कंपनियों को बड़ी राहत दी थी। निर्मला सीतारमण ने कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती का एलान किया था। घरेलू कंपनियों पर बिना किसी छूट के इनकम टैक्स 22 फीसदी होगा। जबकि सरचार्ज और सेस जोड़कर प्रभावी दर 25.17 फीसदी होगी। पहले यह दर 30 फीसदी थी। बता दें कि भारत में पिछले कुछ वर्षों के दौरान हुई यह सबसे बड़ी टैक्स कटौती है।
क्या है कॉर्पोरेट कर ?
कॉर्पोरेट कर या कॉर्पोरेट टैक्स कंपनियों पर लगाया जाता है। प्राइवेट लिमिटेड, सूचीबद्ध और असूचीबद्ध सभी कंपनियां इस कर के दायरे में आती हैं। कंपनियों की आय पर कॉर्पोरेट टैक्स लगाया जाता है। कॉर्पोरेट कर सरकार के सालाना राजस्व का प्रमुख जरिया होता है। कॉर्पोरेट कर घटाने का फैसला सभी घरेली कंपनियों और नई मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों पर लागू होगा। कॉर्पोरेट कर को निगम कर या कंपनी कर भी कहा जाता है।