बुनियादी क्षेत्र का उत्पादन बीते साल से 56 फीसदी बढ़ा, मार्च के मुकाबले 15.1 फीसदी गिरा
- वाणिज्य मंत्रालय ने आठ बुनियादी क्षेत्रों के अप्रैल 2021 के आंकड़े जारी किए
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आठ बुनियादी क्षेत्रों की उत्पादन दर पिछले साल की तुलना में अप्रैल 2021 में 56 फीसदी बढ़ी है। वाणिज्य मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि महामारी की पहली लहर और लंबे लॉकडाउन के दबाव में बीते साल अप्रैल के दौरान बुनियादी क्षेत्र का उत्पादन शून्य से 38.12 फीसदी नीचे चला गया था। यही कारण है कि अप्रैल 2021 में बुनियादी क्षेत्रों की उत्पादन दर असामान्य रूप से 56 फीसदी पहुंच गई। मंत्रालय के मुताबिक, अगर बीते साल की गिरावट से तुलना छोड़ दें तो इस साल का वास्तविक उत्पादन दर मार्च से भी 15.1 फीसदी कम रही है।
यह गिरावट कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण आई, जब देश के कई राज्यों में दोबारा सख्त लॉकडाउन लगाना पड़ा और औद्योगिक गतिविधियां एक बार फिर ठप हो गईं। मार्च 2021 में बुनियादी क्षेत्रों की विकास दर 6.8 फीसदी रही, जो 38 महीने में सबसे ज्यादा वृद्धि दर थी। बुनियादी क्षेत्रों में सीमेंट, बिजली, कोयला, स्टील जैसे बड़े सेक्टर आते हैं। देश के कुल औद्योगिक उत्पादन में बुनियादी क्षेत्र की हिस्सेदारी 40 फीसदी होती है और 2020-21 के पूरे वित्त वर्ष में बुनियादी क्षेत्र की उत्पादन दर शून्य से 6.5 फीसदी कम रही है।
किस क्षेत्र में कितनी तेजी
प्राकृतिक गैस 25 फीसदी
रिफाइनरी उत्पाद 30.9 फीसदी
स्टील 400 फीसदी
सीमेंट 548.8 फीसदी
बिजली 38.7 फीसदी
कोयला 9.7 फीसदी
उर्वरक 7.2 फीसदी
कच्चा तेल (-) 2.1 फीसदी
औद्योगिक श्रमिकों के लिए खुदरा महंगाई 0.50 फीसदी गिरी
अप्रैल में औद्योगिक श्रमिकों के लिए खुदरा महंगाई दर में 0.50 फीसदी गिरकर 5.14 फीसदी पर आ गई। मार्च में यह 5.64 फीसदी थी, जबकि पिछले साल अप्रैल में खुदरा महंगाई 5.45 फीसदी रही थी। श्रम मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि अप्रैल में खाद्य उत्पादों की महंगाई दर 4.78 फीसदी पर आ गई, जो मार्च में 5.36 फीसदी थी। खाद्य उत्पादों की कीमतें गिरने से ही कुल खुदरा महंगाई में राहत मिली है। श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने कहा, अप्रैल में महंगाई नीचे जाने का सबसे बड़ा कारण सब्जियों के दाम गिरना है।
सेंसेक्स तीन महीने के शीर्ष पर, निफ्टी रिकॉर्ड ऊंचाई पर
वैश्विक स्तर पर मिले-जुले रुख के बीच मई महीने के आखिरी कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स 515 अंक उछलकर तीन महीने के शीर्ष पर पहुंच गया। निफ्टी भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। रिलायंस इंडस्ट्रीज और बैंकिंग शेयरों में तेजी से सोमवार को सेंसेक्स 514.56 अंक चढ़कर 51,937.44 अंक पर बंद हुआ, जो 18 फरवरी 2021 के बाद का सबसे उच्च स्तर है। निफ्टी भी 147.15 अंक उछलकर 15,582.80 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ।
इस तेजी से निवेशकों की पूंजी 1.81 लाख करोड़ बढ़कर 222.99 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई। सेंसेक्स की 30 में से 23 कंपनियों के शेयर हरे निशान में बंद हुए। रिलायंस सर्वाधिक 3 फीसदी लाभ में रहा। कारोबारियों ने कहा कि कोविड-19 मामलों में दैनिक आधार पर लगातार गिरावट से निवेशकों की धारणा मजबूत हुई है। एशियाई बाजारों में शंघाई और सियोल हरे निशान में बंद हुए, जबकि हांगकांग और टोक्यो में गिरावट रही।
मांग बढ़ने से दो साल तक रहेगी वैश्विक चिप आपूर्ति की कमी : इंटेल
इंटेल के सीईओ पैट जेल्सिंगर का कहना है कि महामारी के दौरान मांग में तेज वृद्धि से दुनिया चिप आपूर्ति की कमी से जूझ रही है। वैश्विक स्तर पर यह समस्या अगले दो साल तक जारी रह सकती है, जिसे दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कंप्यूटेक्स-2021 कार्यक्रम में कहा कि महामारी ने आपूर्ति के मोर्चे पर उद्योग का संकट बढ़ा दिया है।
वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन पढ़ाई की वजह से सेमीकंडक्टर की मांग बहुत तेजी से बढ़ी है, जिससे वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं पर दबाव बढ़ा है। आपूर्ति की समस्या को दूर करने के साथ हम इस नए युग में दुनिया की जरूरतें और मांग पूरी करने के लिए अपने साझेदारों के साथ मिलकर उत्पादन बढ़ाने पर तेजी से काम कर रहे हैं। उद्योग ने भी निकट भविष्य की समस्याएं दूर करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके बावजूद पारिस्थितिकी तंत्र की बाधाओं और उपकरणों की कमी को पूरा करने में कुछ वर्ष लग सकते हैं।
एसबीआई-एचडीएफसी बैंक ने चेताया, क्रिप्टो करेंसी में लेनदेन पर बंद हो जाएगा खाता
एसबीआई और एचडीएफसी बैंक ने क्रिप्टो करेंसी में लेनदेन करने वाले अपने ग्राहकों को स्थायी रूप से खाता बंद करने सहित अन्य प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है। एसबीआई कार्ड ने अपने ग्राहकों को भेजे ई-मेल में कहा है कि अगर कोई ग्राहक क्रिप्टो करेंसी में लेनदेन के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करता है तो उसकी सेवाओं में कटौती की जा सकती है। क्रेडिट कार्ड रद्द भी किया जा सकता है।
वहीं, एचडीएफसी बैंक ने ग्राहकों को ई-मेल भेजकर वर्चुअल करेंसी में लेनदेन के खिलाफ आधिकारिक तौर पर आगाह करना शुरू कर दिया है। साथ ही क्रिप्टो करेंसी में लेनदेन करने वाले ग्राहकों के खाते को स्थायी रूप से बंद करने की चेतावनी भी दी है। दरअसल, आरबीआई ने 2018 में क्रिप्टो करेंसी में लेनदेन को बंद कर दिया था, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
26 जून तक भर सकते हैं जीएसटी रिटर्न, समय सीमा 15 दिन बढ़ी
महामारी की दूसरी लहर के बीच सरकार ने कारोबारियों को राहत देते हुए सोमवार को मासिक जीएसटी बिक्री रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 15 दिनों तक बढ़ा दी है। अब कारोबारी मई महीने का जीएसटी रिटर्न 26 जून तक दाखिल कर सकते हैं।
दरअसल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 28 मई को जीएसटी परिषद की हुई बैठक में महामारी को देखते हुए कारोबारियों को कई प्रकार की राहत दी गई। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने ट्वीट कर इन राहतों की जानकारी दी है। सीबीआईसी ने कहा कि मई 2021 के लिए दाखिल किए जाने वाले फॉर्म जीएसटीआर-1 की समय सीमा को 26 जून तक के लिए बढ़ाया गया है।
जीएसटीआर-1 के तहत कारोबारियों को आपूर्तियों की जानकारी अगले महीने के 11वें दिन देनी होती है। वहीं, जीएसटी भुगतान के लिए अगले महीने की 20-24 तारीख के बीच जीएसटीआर-3बी फॉर्म दाखिल करना होता है। जीएसटी परिषद ने 2020-21 के लिए सालाना रिटर्न भरने की अंतिम तारीख भी तीन महीने और बढ़ाकर 31 जुलाई 2021 कर दी है। इसके अलावा, कंपनी कानून के तहत पंजीकृत करदाताओं को 31 अगस्त 2021 तक डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र के बजाय इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन कोड का इस्तेमाल कर जीएसटी रिटर्न भरने की अनुमति दी गई है।