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ED Action: ईडी ने गौतम थापर की ₹78 करोड़ रुपये से अधिक की जमीन जब्त की, एमटेक समूह के खिलाफ भी कार्रवाई

Sat, 07 Sep 2024 06:44 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Sat, 07 Sep 2024 06:44 PM IST
सार

ED Action: संघीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय ने हरियाणा के गुरुग्राम जिले में 52.11 एकड़ जमीन को अस्थायी रूप से जब्त किया है। एक बयान में कहा गया है कि जांच ऑएस्टर बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड (ओबीपीएल) नामक एक कंपनी से संबंधित है, जिसके मालिक गौतम थापर हैं। 

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Bank fraud: ED attaches Rs 78-cr worth land parcels owned by Gautam Thapar ED News and Updates
ईडी की कार्रवाई में बरामद नकद। - फोटो : ANI

विस्तार

ईडी ने शनिवार को बताया कि उसने यस बैंक में 466 करोड़ रुपये से अधिक के कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी की जांच के तहत व्यवसायी गौतम थापर के "लाभकारी स्वामित्व वाली" एक कंपनी की 78 करोड़ रुपये से अधिक की जमीन जब्त की गई है। 

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संघीय एजेंसी ने हरियाणा के गुरुग्राम जिले में 52.11 एकड़ जमीन को अस्थायी रूप से जब्त किया है। एक बयान में कहा गया है कि जांच ऑएस्टर बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड (ओबीपीएल) नामक एक कंपनी से संबंधित है, जिसके मालिक गौतम थापर हैं। 
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामला थापर, ओबीपीएल और व्यवसायी की अन्य कंपनी अवंता रियल्टी लिमिटेड के खिलाफ सीबीआई की प्राथमिकी से उपजा है। 
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आरोप है कि उन्होंने 2017 और 2019 के बीच सार्वजनिक धन की हेराफेरी के लिए "धोखाधड़ी" और "जालसाजी" की और यस बैंक को 466.51 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया। 

एमटेक समूह की ₹5000 करोड़ की संपत्ति जब्त  
ईडी ने शनिवार को कहा कि एक दिवालिया ऑटोमोटिव उपकरण निर्माण कंपनी के खिलाफ कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में धन शोधन विरोधी कानून के तहत फार्म हाउस, राज्यों में सैकड़ों एकड़ कृषि और औद्योगिक भूमि और 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर और डिबेंचर जब्त किए गए हैं। 

यह कार्रवाई संघीय एजेंसी द्वारा जुलाई में एमटेक समूह के प्रमोटर अरविंद धाम को गिरफ्तार करने के बाद की गई है। कंपनी परिसमापन के दौर से गुजर रही है। 

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सीबीआई की प्राथमिकी और मामले की जांच के लिए फरवरी में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी निर्देश का संज्ञान लेते हुए कंपनी और उसके प्रमोटरों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। जिसके अनुसारलगभग 27,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की आशंका है।

130 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी में ईडी ने जर्मन कंपनी की भारतीय सहायक कंपनी पर मारा छापा
 प्रवर्तन निदेशालय ने जर्मन फर्म की पुणे स्थित सहायक कंपनी के कुछ पूर्व कर्मचारियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत 9 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक जमा, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय निवेशों को फ्रीज कर दिया है। इनमें करोड़ों रुपये की कंपनी के फंड को डायवर्ट किया गया था। ईडी ने 4 सितंबर को पूर्व कर्मचारियों व कुछ वेंडरों के पुणे, महाराष्ट्र और दिल्ली-एनसीआर में छह जगहों पर छापे मारे थे।

ईडी ने एचयूएफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के एमडी की शिकायत पर दर्ज पुणे पुलिस (चाकन पुलिस स्टेशन) की एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की है। एचयूएफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड जर्मन-आधारित कंपनी एचयूएफ हल्सवर्क एंड फर्स्ट जीएमबीएच एंड कंपनी केजी की सहायक कंपनी है, जो चार पहिया वाहनों के लिए इलेक्ट्रॉनिक रिमोट-कंट्रोल सिस्टम का उत्पादन करती है। कंपनी का सालाना कारोबार 100 करोड़ रुपये से 300 करोड़ रुपये के बीच था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि वर्ष 2010-2020 के बीच एचयूएफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से जर्मनी में मूल कंपनी से जानकारी छिपाकर खरीद आदेशों में हेरफेर कर व्यक्तिगत वित्तीय लाभ के लिए 139 करोड़ रुपये की कंपनी के फंड को डायवर्ट किया।

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