धर्म के आधार पर बदलवा सकते हैं पासपोर्ट में अपना नाम, नहीं है बाध्यकारी
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पासपोर्ट एक्ट में नहीं है धर्म के आधार पर नाम बदलने का जिक्र
पासपोर्ट एक्ट में इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है कि किसी भी व्यक्ति को धर्म बदलने के बाद अपना नाम बदलना पड़ सकता है। यह पूरी तरह से उस व्यक्ति के ऊपर है कि वो अपना नाम बदलवाए या नहीं। वहीं भारतीय पासपोर्ट में धर्म का कॉलम भी नहीं होता है।
पूरा नाम बदलवाने के लिए करना होगा यह प्रोसेस
अगर कोई व्यक्ति पासपोर्ट सहित अन्य सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों में अपना धर्म के आधार पर नाम बदलवाना चाहता है तो उसे सबसे पहले सरकारी गजट में इसे प्रकाशित करवाना पड़ेगा। इसके लिए उस व्यक्ति को सबसे पहले अखबार में विज्ञापन के माध्यम से सूचना प्रकाशित करानी होगी।
दो अखबारों में देना होगा विज्ञापन
नियम के मुताबिक दो अलग-अलग राष्ट्रीय अखबारों में विज्ञापन देना होगा, जिसमें एक व्यक्ति के स्थाई पते पर प्रकाशित होता हो और दूसरा अस्थाई पते पर।
खर्च करने होंगे 1700 रुपये
सरकारी गजट में प्रकाशन के लिए 1700 रुपये खर्च करने होंगे। अखबार में प्रकाशित विज्ञापन की कटिंग, शादी का सर्टिफिकेट व नोटरी द्वारा दिए गए एक शपथ पत्र (एनेक्सचर ई) को देना होगा। इसके बाद आपका परिवर्तित नाम सरकारी गजट में प्रकाशित हो जाएगा। सरकारी गजट के आधार पर पासपोर्ट सहित सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों में नाम परिवर्तित हो सकता है।
शादी के बाद नाम बदलवाना व्यक्ति की इच्छा
शादी के बाद अगर किसी व्यक्ति का धर्म परिवर्तन होने के कारण नाम बदल गया है, तो फिर उसको पासपोर्ट में बदलवाना है या नहीं वो उसकी इच्छा पर निर्भर करता है। पासपोर्ट विभाग का कोई भी अधिकारी ऐसा करने के लिए दबाव नहीं बना सकता है, कि वो अपने पति/पत्नी के धर्म, सरनेम के आधार पर उसे बदले।