एयर इंडिया पायलट एसोसिएशन ने नागरिक उड्डयन मंत्री को लिखा पत्र, की बैठक बुलाने की मांग
भारत में कोरोना महामारी का संकट अभी जारी है। भारत ने कोरोना वायरस महामारी के कारण दो महीने के अंतराल के बाद 25 मई को घरेलू यात्री उड़ानों को फिर से शुरू किया गया था। महामारी के चलते नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने भारत में शेड्यूल अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ानों की आवाजाही पर प्रतिबंध 31 दिसंबर तक बढ़ाया है। इसकी मार कर्मचारियों को भी झेलनी पड़ी है। उनके वेतन में कटौती की गई है। इसी कड़ी में एयर इंडिया पायलट एसोसिएशन ने नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखा है और उनसे बैठक बुलाने की मांग की है।
दरअसर महामारी के चलते विमानन क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कर्मचारियों के वेतन में कटौती के अतिरिक्त उन्हें लीव विदाउट पे (बिना वेतन के छुट्टी) पर भी भेजा गया। इसके मद्देनजर पायलट एसोसिएशन की ओर से 'अनिश्चितकालीन और एकतरफा वेतन में कटौती' को लेकर बैठक बुलाई गई है।
Air India Pilots' Association writes to Union Civil Aviation Minister Hardeep Singh Puri requesting an urgent meeting with him over "indefinite and unilateral wage cut". pic.twitter.com/pIoHaOJdms
— ANI (@ANI) November 30, 2020
इससे पहले एयर इंडिया पायलट एसोसिएशन ने बिना पैसे छुट्टी की योजना पर शिकायत करते हुए एयर इंडिया को पत्र लिखा था। इस पत्र में कहा गया था कि इस फैसले को एयर इंडिया की ओर से दोनों के लिए बेहतर बताया जा रहा है, लेकिन यह फैसला बिना पायलट की सलाह के लिया गया है। इसकी घोषणा करते हुए कंपनी ने कहा था कि इससे कर्मचारियों को किसी और नियोक्ता के साथ जुड़ने की आजादी मिलेगी और साथ ही एयरलाइन को भी पैसे की बचत होगी।
हवाई यात्रा में 2024 तक बन पाएगी 2019 जैसी स्थिति
विमानन कंपनियों के वैश्विक संगठन अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात संघ (आईएटीए) के सीईओ एलेक्जेंडर डि जुनियाक ने कहा था कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते रेवेन्यू पैसेंजर किलोमीटर (राजस्व यात्री किलोमीटर) अपनी 2019 की स्थिति में साल 2024 तक लौट सकेगा। उन्होंने कहा कि अगर वायरस पर नियंत्रण पाने में या वैक्सीन विकसित करने में हम सफल नहीं हुए तो यह समय सीमा और आगे भी बढ़ सकती है।