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NABARD: ग्रामीण बैंकों के डिजिटलीकरण के लिए नाबार्ड व पीएसबी लोन लिमिटेड के बीच समझौता, मिलेगी ये सुविधा
Thu, 18 Jul 2024 01:36 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Thu, 18 Jul 2024 01:36 PM IST
सार
नाबार्ड ने पीएसबी लोन लिमिटेड के साथ एक एमओयू किया है। इस समझौते का उद्देश्य एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (एपीआई) के माध्यम से जनसुरक्षा पोर्टल को क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के कोर बैंकिंग सॉल्यूशंस (सीबीएस) के साथ जोड़कर बैंकों और उनके ग्राहकों दोनों के लिए परेशानी मुक्त अनुभव सुनिश्चित करना है।
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एमओयू के दौरान नाबार्ड के अधिकारी
- फोटो : NABARD
विस्तार
वित्तीय समावेशन की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) और ऑनलाइन पीएसबी लोन लिमिटेड के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया है। यह एमओयू जनसुरक्षा पोर्टल के माध्यम से एक मंच से जुड़े सभी 43 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की जन सुरक्षा योजनाओं के तहत नामांकन और दावा निपटान की प्रक्रिया को सुचारू बनाएगा। नाबार्ड के अध्यक्ष शाजी के वी और उप प्रबंध निदेशक डॉ. अजय कुमार सूद सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के प्रमुखों के साथ बैठक के दौरान इस परियोजना की शुरुआत की।
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यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय अंतर को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण साबित होगा। इसके जरिए जन सुरक्षा योजनाओं के निर्बाध नामांकन और कुशल निपटान के लिए क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को डिजिटल समाधान मुहैया कराया जाएगा जिससे वे सशक्त बनेंगे।
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इसके उद्घाटन के मौके शाजी के वी ने कहा कि, 'इस पहल की शुरुआत ग्रामीण भारत में डिजिटल वित्तीय सेवाओं को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ी छलांग है। यह क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के लिए सुलभ कुशल डिजिटल समाधान उपलब्ध कराने में प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने की नाबार्ड की प्रतिबद्धता का प्रतीक है ताकि वित्तीय स्थिरता बनाई जा सके और समावेशी विकास को बढ़ावा दिया जा सके।"
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परियोजना का लक्ष्य एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (एपीआई) के माध्यम से जनसुरक्षा पोर्टल को क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के कोर बैंकिंग सॉल्यूशंस (सीबीएस) के साथ जोड़ने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाकर, बैंकों और उनके ग्राहकों दोनों के लिए परेशानी मुक्त अनुभव सुनिश्चित करना है।
जनसुरक्षा पोर्टल, भारत सरकार के वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) की ओर से शुरू की गई एक पहल है। यह प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) और प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) के लिए डिजिटल नामांकन और दावा निपटान की सुविधा प्रदान करती है।