Israel: अदाणी समूह के पास क्षमता, हाइफा पोर्ट ग्रुप को सौंपे जाने पर भारत में इस्राइल के राजदूत ने कही ये बात
Israel: अदाणी समूह के पास क्षमता, हाइफा पोर्ट ग्रुप को सौंपे जाने पर भारत में इसरायल के राजदूत ने कही ये बात
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भारत में इस्राइल के राजदूत नाओर गिलोन ने बुधवार को कहा है कि टाटा, कल्याणी, भेल सहित करीब 80 भारतीय कंपनियों के साथ हमारे संयुक्त उपक्रम हैं। बंदरगाह अदाणी समूह का मुख्य कारोबार है। मैंनें बंदरगाहों के मामले में उन्हें बहुत अच्छी तरह से काम करते हुए देखता हूं। अदाणी समूह इस्राइल में और अधिक परियोजनाओं की तलाश कर रहा है और मुझे उम्मीद है कि वे सफल होंगे।
यह हमारे दृष्टिकोण से एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम है। हाइफा पोर्ट हमारी रणनीतिक संपत्ति है। अदाणी समूह के पास हाइफा पोर्ट को वैसा बंदरगाह बनाने की क्षमता है जैसा उसे होना चाहिए। इसमें इस्राइल व भारत के बीच व्यापार बढ़ाने की भी क्षमता है। अदाणी के हाइफा पोर्ट के विकास का कार्य करने पर पर भारत में इस्राइल के राजदूत ने ये बातें कही।
भारत और इस्राइल मुक्त व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप
इस्राइल के राजदूत नोर गिलोन ने कहा कि भारत-इस्राइल के बीच द्विपक्षीय व्यापार संबंध और मजबूत होने वाले हैं। दोनों देश मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देने के लिए उत्सुक हैं। क्योंकि इससे सम्पूर्ण कारोबारी संबंधों को और गति मिलेगी। भारत और इस्राइल रक्षा सौदे में अडाणी समूह का पक्ष लेने के राहुल गांधी के आरोपों के संबंध में सवाल के जवाब में राजदूत ने कहा कि इस्राइली कंपनियों के भारतीय कंपनियों के साथ करीब 80 संयुक्त उद्यम हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा संबंध केवल एक कंपनी के बारे में नहीं होते हैं।
एसएफआईओ से पूछा- 2019 के मामले की सुनवाई अभी क्यों चाहते हैं?
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) से पूछा कि वह अदाणी एंटरप्राइजेज, उसके चेयरमैन गौतम अदाणी और प्रबंध निदेशक राजेश अदाणी से जुड़े 2019 के मामले में अभी सुनवाई क्यों चाहता है? कोर्ट ने मजाकिया लहजे में टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या बाहर जो माहौल है, उसके चलते अभी सुनवाई के लिए मामले को लाया गया है।
क्या है मामला?
दरअसल, अदाणी एंटरप्राइजेज ने 2019 में एक याचिका दायर कर उसी साल के सत्र न्यायालय के आदेश को रद्द करने की मांग की थी। कोर्ट ने कंपनी, गौतम अदाणी और राजेश अदाणी को बाजार नियमों के कथित उल्लंघन के एक मामले में मुक्त करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने दिसंबर 2019 में सत्र अदालत के आदेश पर रोक लगा दी थी। यह आदेश समय-समय पर फरवरी 2022 तक बढ़ाया जाता रहा। पीठ ने अब याचिका पर अंतिम सुनवाई के लिए 18 अप्रैल की तारीख तय की है।