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Gold Loan: बैंकों-एनबीएफसी ने सोने की नीलामी के नियम तोड़े तो होगी कार्रवाई, वित्त मंत्री सीतारमण की दो टूक
Mon, 10 Feb 2025 02:18 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Mon, 10 Feb 2025 02:18 PM IST
सार
Gold Loan: यदि कोई कर्जदार गोल्ड लोन का भुगतान करने में विफल रहता है और बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की ओर से सोने की नीलामी के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में यह भरोसा दिया। वित्त मंत्री ने आगे क्या कहा, आइए जानें।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
यदि कोई कर्जदार गोल्ड लोन का भुगतान करने में विफल रहता है और बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की ओर से सोने की नीलामी के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में यह भरोसा दिया। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने कहा कि गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) और अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (एससीबी) एक जैसे नियमों से निर्देशित होते हैं।
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उन्होंने लोकसभा में बताया कि यदि कोई कर्जदार गोल्ड लोन का भुगतान करने में विफल रहता है तो एनबीएफसी और बैंकों की ओर से सोने की नीलामी के लिए बहुत अच्छी तरह से निर्धारित और सख्त प्रक्रियाएं हैं। एनबीएफसी और बैंक इन प्रक्रियाओं का पालन करते हैं।
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बैंक खाताधारकों को यह बताने के लिए पर्याप्त संख्या में नोटिस देने की एक प्रक्रिया है कि उनकी सेवा ठीक नहीं है। मंत्री ने कहा कि अगर कोई उधारकर्ता भुगतान करने के लिए वापस नहीं आता है, तो बैंक या एनबीएफसी नीलामी के लिए मजबूर हो जाएगा। सीतारमण ने इस बात पर जोर दिया कि नीलामी के लिए भी बहुत अच्छी तरह से निर्धारित और सख्त प्रक्रियाएं होती हैं।
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उन्होंने कहा, "यदि इन प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया जाता है, तो वास्तव में हमें कार्रवाई करनी है, लेकिन प्रक्रियाओं का पालन बैंकों की ओर से किया जाता है... मुझे लगता है कि यदि ऐसे विशिष्ट मामले हैं, जहां निर्धारित मानदंडों का उल्लंघन किया गया है, तो मैं इसका ब्यौरा लेने और उस पर कार्रवाई करने के लिए तैयार हूं।"
मंत्री डीएमके नेता कनिमोझी करुणानिधि के सवालों का जवाब दे रही थीं, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब कोई संस्था स्वर्ण ऋण की अदायगी में चूक करती है तो सोने की नीलामी की जाती है। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी के प्रश्न का उत्तर देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि भारत में सोने की मांग कम नहीं हुई है, बल्कि इसके विपरीत इसमें बढ़ोतरी हो रही है।
उन्होंने कहा, "भारत में, विशेष रूप से परिवारों, छोटे व्यवसायों के लिए, सोने में निवेश करना एक आम बात है, क्योंकि वे सोचते हैं कि यह कहीं अधिक सुरक्षित और तरल है। एक परिसंपत्ति वर्ग के रूप में, हम देखते हैं कि परिवारों और छोटे व्यवसायों के साथ-साथ भारत की महिलाओं में भी इसमें निरंतर रुचि है।"
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में यह भी स्पष्ट किया कि भारत के बढ़ते स्वर्ण भंडार, जिसमें भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पास मौजूद भंडार भी शामिल हैं, का उद्देश्य किसी भी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा को प्रतिस्थापित करने की कवायद नहीं है। उन्होंने कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी की इस चिंता का जवाब दिया कि क्या सोने की ओर वैश्विक बदलाव अमेरिकी डॉलर से एक प्रमुख निपटान तंत्र के रूप में दूर जाने का संकेत है।