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सर्वे: डाटा वापस पाने के लिए 67 फीसदी भारतीय कंपनियों ने दी फिरौती

Thu, 03 Jun 2021 02:43 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Thu, 03 Jun 2021 02:43 AM IST
सार

  • भारत 30 देशों में अव्वल जहां कंपनियों को देनी पड़ी सबसे ज्यादा फिरौती
  • 24.7 करोड़ रुपये चुकाने पड़े इस साल अब तक, जो 2020 से तीन गुना ज्यादा

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67 per cent of Indian organizations paid a ransom to get their data back
सांकेतिक तस्वीर.... - फोटो : social media

विस्तार

भारतीय कंपनियों पर साइबर हमले लगातार बढ़ रहे हैं। आलम यह है कि कंपनियों को अपना डाटा वापस पाने के लिए पिछले साल के मुकाबले इस साल अब तक तीन गुना ज्यादा रकम चुकानी पड़ी है।

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साइबर सिक्योरिटी फर्म सोपोस की ‘द स्टेट ऑफ रैंसमवेयर-2021’ सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 67 फीसदी भारतीय कंपनियों को अपना डाटा वापस पाने के लिए 2021 में अब तक 24.7 करोड़ रुपये की फिरौती देनी पड़ी है। पिछले साल 66 फीसदी कंपनियों ने फिरौती के रूप में 8.03 करोड़ रुपये चुकाए थे।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत उन 30 देशों की सूची में सबसे आगे है, जहां कंपनियों को सबसे ज्यादा फिरौती देनी पड़ी है। फिरौती का औसत भुगतान 56 लाख रुपये (76,619 डॉलर) था।
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4 फीसदी कंपनियों को ही वापस मिला पूरा डाटा
रिपोर्ट के मुताबिक, फिरौती देने के बाद भी भारतीय कंपनियों को सिर्फ 75 फीसदी डाटा ही वापस मिला। वैश्विक स्तर पर यह औसत 65 फीसदी है। सिर्फ चार फीसदी भारतीय कंपनियां ही अपना पूरा डाटा वापस पाने में कामयाब रहीं।

यह सर्वे यूरोप, अमेरिका, एशिया-प्रशांत, मध्य एशिया, अफ्रीका सहित 30 देशों के 5,400 से अधिक लोगों से बातचीत पर आधारित है। इसमें 300 भारतीय भी शामिल हैं। ये लोग विभिन्न आईटी कंपनियों के नीति निर्माताओं में शामिल हैं।

काफी मुश्किल है साइबर हमले को रोकना
सर्वे में शामिल 86 फीसदी भारतीय कंपनियों का मानना है कि साइबर हमले काफी जटिल हो गए हैं, जिन्हें रोकने में उनकी आईटी टीम सक्षम नहीं है।

वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा 54 फीसदी है। पिछले 12 महीने के दौरान जिन घरेलू कंपनियों पर रैंसमवेयर हमले नहीं हुए हैं, उनमें 86 फीसदी मानती हैं कि भविष्य में वे भी इसकी शिकार हो सकती हैं। 57 फीसदी का मानना है कि साइबर हमले के नए तरीकों की वजह से रैंसमवेयर हमले को रोक पाना मुश्किल होता जा रहा है।


प्रभावित होता है कंपनियों का बजट
सोफोस इंडिया एवं सार्क के प्रबंध निदेशक (सेल्स) सुनील शर्मा का कहना है कि ऐसे हमले कंपनियों के बजट को बुरी तरह प्रभावित करते हैं। हालांकि, 2020 के मुकाबले रैंसमवेयर से प्रभावित होने वाली कंपनियों की संख्या में गिरावट आई है। लेकिन अन्य देशों की तुलना में भारतीय कंपनियों के साइबर हमले की चपेट में आने की आशंका ज्यादा है।

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