फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   4415 cases resolved through SEBI's SCORES system in June, 5107 complaints still pending

SEBI: सेबी की SCORES प्रणाली के जरिए जून में किया गया 4415 मामलों का समाधान, 5107 शिकायतें अब भी लंबित

Mon, 21 Jul 2025 02:19 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Mon, 21 Jul 2025 02:19 PM IST
सार

सेबी ने अपने ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली स्कोर्स के जरिये जून में 4,415 शिकायतों का निपटारा किया। नियामक को जून में  4,959 नई शिकायतें प्राप्त हुईं और महीने के अंत तक कुल 5,107 शिकायतें लंबित रहीं। 

विज्ञापन
4415 cases resolved through SEBI's SCORES system in June, 5107 complaints still pending
बाजार नियामक सेबी - फोटो : Adobestock

विस्तार

बाजार नियामक सेबी ने जून महीने में अपनी ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली SCORES के जरिए 4,415 शिकायतों का निपटारा किया। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। स्कोर्स एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जो निवेशकों को सूचीबद्ध कंपनियों और पंजीकृत मध्यस्थों के खिलाफ शिकायत दर्ज करने और उन पर नजर रखने में सुविधा प्रदान करता है। 

विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Banking Report: बड़े निजी बैंकों ने दिखाई मजबूती, मझोले बैंकों पर मार्जिन और फंसे कर्ज का रहा दबाव
विज्ञापन


जून में 5,107 शिकायतें लंबित रही
सेबी द्वारा शुक्रवार को जारी सार्वजनिक नोटिस के अनुसार, नियामक को जून में  4,959 नई शिकायतें प्राप्त हुईं। महीने के अंत तक कुल 5,107 शिकायतें लंबित रहीं, जो 31 मई तक लंबित 4,563 मामलों की तुलना में थोड़ी अधिक हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कार्रवाई रिपोर्ट की समयसीमा 
नियामक ने यह भी बताया कि जून में कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) प्रस्तुत करने के लिए संस्थाओं से लिया गया औसत समाधान समय आठ दिन था। वहीं प्रथम स्तर की समीक्षा के तहत शिकायतों के लिए लिया गया औसत सयम चार दिन था। 

कैसे होती है प्रक्रिया?
स्कोर्स 2.0 प्रणाली के तहत, शिकायतें स्वचालित रूप से संबंधित संस्थाओं को भेज दी जाती हैं। इन्हें 21 दिनों के भीतर जवाब देना होता है। अगर कोई निवेशक संतुष्ट नहीं है, तो उसके पास प्रथम स्तरीय समीक्षा के लिए 15 दिन का समय होता है।


इसी प्रकार का समीक्षा अवसर दूसरे स्तर पर नामित निकाय के पास उपलब्ध होता है, और इसके बाद सेबी के पास भी, जहां प्रत्येक स्तर पर शिकायत की समीक्षा के लिए 15 दिनों की समयसीमा निर्धारित है। अगर निवेशक ऑनलाइन विवाद समाधान (ODR) तंत्र को चुनता है, तो ऐसी शिकायतों को हल माना जाता है। 

इन कंपनियों की शिकायतें तीन महीने से अधिक लंबित रही
शुक्रवार को एक अलग सार्वजनिक नोटिस में सेबी ने कहा कि एमसीएस शेयर ट्रांसफर एजेंट लिमिटेड और स्मार्टओनर कैपिटल ग्रोथ ट्रस्ट ऐसी संस्थाएं थीं, जिनकी निवेशकों की शिकायतें 30 जून तक तीन महीने से अधिक समय से स्कोर्स प्लेटफॉर्म पर लंबित थीं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed