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घर-घर पहुंचेगा ब्रॉडबैंड, ई-उत्पादों का निर्यात केंद्र बनेगा देश
Tue, 02 Jul 2019 05:24 AM IST
Avdhesh Kumar
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Tue, 02 Jul 2019 05:24 AM IST
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रविशंकर प्रसाद
- फोटो : ANI
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सूचना प्रौद्योगिकी एवं दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को कहा कि सरकार ने इंटरनेट ब्रॉडबैंड को घर-घर पहुंचाने के लिए संकल्प लिया है। इसके लिए नीतिगत प्रोत्साहन एवं उद्यमिता तंत्र विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि भारत को इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का निर्यात केंद्र बनाने के लिए सरकार सक्रियता से काम करेगी। ‘डिजिटल इंडिया 2.0’ के महत्वाकांक्षी लक्ष्य का उल्लेख करते हुए प्रसाद ने सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों और उसके शीर्ष संगठन नासकॉम से देश में एक लाख ‘डिजिटल गांव’ बनाने एवं ‘डिजिटल’ साक्षरता से जुड़े सरकार के अभियानों में मदद की अपील की।
प्रसाद ने कहा, ‘ब्रॉडबैंड को घर-घर पहुंचाना प्राथमिकताओं में शामिल है। मैं इस दिशा में काम कर रहा हूं। इसके लिए हम उद्यमियों को जोड़ना चाहता हैं। आज जिस प्रकार पान की दुकानों में भी सिम कार्ड उपलब्ध होता है, क्या वैसा ही ब्रॉडबैंड के लिए भी किया जा सकता है।’ उन्होंने कहा कि ब्रॉडबैंड और मोबाइल की उपलब्धता डिजिटल इंडिया के अहम कारक हैं, जो देश की डिजिटल जरूरतें पूरी करने में मददगार साबित हो रहे हैं।
प्रसाद ने कहा कि केबल सेवा प्रदाताओं ने घर-घर तक टीवी पहुंचाई। पीसीओ एवं साझा सेवा केंद्र (सीएससी) बड़े अभियान बनकर उभरे। ऐसा ही बीपीओ (बिजनेस प्रॉसेस आउटसोर्सिंग) के मामले में भी हुआ। क्या हम उद्यमियों एवं सहायक नीतियों की मदद से एक ऐसा तंत्र विकसित कर सकते हैं, जिसमें ब्रॉडबैंड की उपलब्धता सबके लिए हो।
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ताकत का इस्तेमाल कर सकता है भारत
दूरसंचार मंत्री ने कहा कि देश को इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण से जुड़ी अपनी मौजूदा ताकत एवं प्रतिभाओं का इस्तेमाल कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह देखा जाना चाहिए कि डिजिटल इंडिया के तहत 5जी एवं आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसी नई प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल किस प्रकार किया जा सकता है।
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प्रसाद ने कहा, ‘ब्रॉडबैंड को घर-घर पहुंचाना प्राथमिकताओं में शामिल है। मैं इस दिशा में काम कर रहा हूं। इसके लिए हम उद्यमियों को जोड़ना चाहता हैं। आज जिस प्रकार पान की दुकानों में भी सिम कार्ड उपलब्ध होता है, क्या वैसा ही ब्रॉडबैंड के लिए भी किया जा सकता है।’ उन्होंने कहा कि ब्रॉडबैंड और मोबाइल की उपलब्धता डिजिटल इंडिया के अहम कारक हैं, जो देश की डिजिटल जरूरतें पूरी करने में मददगार साबित हो रहे हैं।
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प्रसाद ने कहा कि केबल सेवा प्रदाताओं ने घर-घर तक टीवी पहुंचाई। पीसीओ एवं साझा सेवा केंद्र (सीएससी) बड़े अभियान बनकर उभरे। ऐसा ही बीपीओ (बिजनेस प्रॉसेस आउटसोर्सिंग) के मामले में भी हुआ। क्या हम उद्यमियों एवं सहायक नीतियों की मदद से एक ऐसा तंत्र विकसित कर सकते हैं, जिसमें ब्रॉडबैंड की उपलब्धता सबके लिए हो।
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ताकत का इस्तेमाल कर सकता है भारत
दूरसंचार मंत्री ने कहा कि देश को इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण से जुड़ी अपनी मौजूदा ताकत एवं प्रतिभाओं का इस्तेमाल कर सकता है। उन्होंने कहा कि यह देखा जाना चाहिए कि डिजिटल इंडिया के तहत 5जी एवं आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसी नई प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल किस प्रकार किया जा सकता है।