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Silver Price Crash: क्या चांदी के अच्छे दिन खत्म? 45% टूटे भाव; क्या गिरकर फिर 1.50 लाख रुपये तक आएगा भाव
Fri, 12 Jun 2026 04:42 AM IST
शिवम गर्ग
बोनस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बोनस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवम गर्ग
Updated Fri, 12 Jun 2026 04:42 AM IST
सार
रिकॉर्ड ऊंचाई से 45% टूट चुकी चांदी के भाव पर विशेषज्ञों की राय सामने आई है। जानिए क्या अभी और गिरावट बाकी है या निवेश का सही मौका आ गया है।
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रिकॉर्ड ऊंचाई से 45% टूटी चांदी
- फोटो : amarujala.com
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विस्तार
जो चांदी इस साल 29 जनवरी को 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक शिखर पर चमक मार रही थी, अब वह चार महीनों में औंधे मुंह गिरकर 11 जून को 2,30,493 रुपये पर आ चुकी है। यानी ऊपरी स्तरों से करीब 45 फीसदी की गिरावट। आम निवेशक और ट्रेडर इस समय दुविधा में हैं कि चांदी में भारी गिरावट को खरीदारी का गोल्डन चांस मानें या बाजार से दूर भाग जाएं।
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क्या अभी और घटेंगे दाम?
केडिया एडवाइजरी ने ताजा रिपोर्ट का दावा किया है कि चांदी में गिरावट अभी खत्म नहीं हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह 50 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर को तोड़कर 48.60 डॉलर प्रति औंस तक फिसल सकती है। अगर ऐसा हुआ, तो घरेलू बाजार में चांदी का भाव 1.60 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच जाएगा।
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केडिया एडवाइजरी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर इंडेक्स लगातार मजबूत हो रहा है, जो कमोडिटी और चांदी के लिए जहर का काम करता है। दूसरा कारण है...गोल्ड-सिल्वर रेश्यो, जब यह बढ़ता है, तो चांदी कमजोर होती है। साल 2025 के मध्य में यह रेश्यो 107 पर था, तब चांदी सुस्त थी। जब यह घटकर 43 पर आया, तो चांदी 4.20 लाख के पार निकल गई। अब रेश्यो वापस बढ़कर 63 पर पहुंच चुका है और अगले तीन माह में इसके 72 तक जाने की आशंका है।
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चांदी के दाम जैसे-जैसे गिर रहे हैं, सिल्वर ईटीएफ निवेश में भी गिरावट आ रही है। फरवरी से लगातार सिल्वर ईटीएफ से निकासी जारी है। निवेशकों ने मई में अब तक की सबसे बड़ी 2,133 करोड़ रुपये की निकासी की। जनवरी में सिल्वर ईटीएफ में 9,463 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया था।
क्या करें निवेशक?
कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता का कहना है, चांदी का मिड-टर्म ट्रेंड अभी डाउन है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में 61 डॉलर का स्तर टूटता है, तो नीचे में भाव 56 से 57 डॉलर तक फिसल सकते हैं। लेकिन, लंबी अवधि का नजरिया बेहद सकारात्मक है, इसलिए निवेशकों को धीरे-धीरे चांदी में निवेश करना चाहिए।
क्या है आउटलुक?
एसएस वेल्थस्ट्रीट की संस्थापक सुगंधा सचदेवा के मुताबिक, वर्तमान में हो रही रिकवरी केवल एक बाउंस बैक है। चांदी में दोबारा से बड़ी और ऐतिहासिक तेजी तब तक शुरू नहीं होगी, जब तक भाव 2,87,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को क्लोजिंग आधार पर पार नहीं कर जाते, तब तक बाजार इसी तरह हिचकोले खाता रहेगा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंथली टाइम फ्रेम पर 64 डॉलर का एक बड़ा सपोर्ट था। इसे तोड़ने के बाद चांदी ने 61 का स्तर टेस्ट किया है। अब जब तक 61 डॉलर का यह स्तर नीचे की तरफ नहीं टूटता, तब तक चांदी में कोई बड़ी गिरावट आने की उम्मीद नहीं है।