निवेश के मंत्र 18: म्यूचुअल फंड निवेश पर बढ़े तीन जोखिम
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निवेश के लिए सबसे भरोसेमंद रहे डेट फंड पर छाए संकट के बादलों ने पूरे म्यूचुअल फंड बाजार को घेर लिया है। फ्रैंकलिन टेम्पलटन के 6 डेट फंड बंद करने के बाद बाजार में निकासी की बाढ़ आ गई और निवेश पर जोखिम बढ़ने शुरू हो गए हैं। पैसा सुरक्षित रखने के साथ रिटर्न पाने के लिए निवेशक क्या करें। पेश है प्रमोद तिवारी की रिपोर्ट...
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ब्याज दर जोखिम
बाजार विश्लेषक संदीप जैन बताते हैं कि ब्याज दर में परिवर्तन डेट म्यूचुअल फंड निवेेशकों के लिए जोखिम पैदा करते हैं। ब्याज दरें विशेष रूप से उस समय बढ़ती हैं, जब अर्थव्यवस्था विकास कर रही होती है और आर्थिक मंदी के समय दरें कम हो जाती हैं। चूंकि, अभी विकास दर सुस्त है और कोरोना संकट की वजह से बाजार के आगे भी मुश्किल दौर में रहने की आशंका है। ऐसे में ब्याज दरें भी कम ही रहेंगी और बॉन्ड की कीमत बढ़ जाएगी।
- म्यूचुअल फंड हाउस निश्चित ब्याज पाने के लिए ऐसे ही बांड में निवेश करते हैं और जब उन्हें इस पर कम ब्याज या रिटर्न मिलेगा तो निवेशकों का रिटर्न भी कम हो जाएगा।
- ब्याज दरों पर जोखिम का असर नए और पुराने सभी बांड पर होता है। बांड की परिपक्वता अवधि जितनी लंबी होगी, कीमतों में उतर-चढ़ाव भी उतना ही रहेगा।
री-रेटिंग...रेटिंग घटी, ताे भी पड़ेगा असर
क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां (फिच, मूडीज, इक्रा आदि) सभी तरह के कारपोरेट बांड और सरकारी बांड की समय-समय पर रेटिंग करती हैं। इसका असर बांड की कीमत और यील्ड पर भी पड़ता है, साथ ही उच्च रेटिंग किसी बांड के जोखिम स्तर को भी दर्शाता है। ये एजेंसियां जब बांड की री-रेटिंग करेंगी और बाजार में जारी गिरावट या डिफ़ॉल्ट की वजह से रेटिंग घटी तो उस पर जोखिम बढ़ जाएगा।
- उदाहरण, अगर आपके फंड हाउस ने जब किसी बांड में निवेश किया तो उसकी रेटिंग एएए रही। अब यह घटकर एएए(-) हो जाती है, तो उस बांड का यील्ड यानी रिटर्न भी कम हो जाएगा। ऐसे में निवेशकों के रिटर्न पर भी असर दिखेगा।
क्रेडिट रिस्क...डुबा न दे पैसा
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कोरोना का संकट आगे दो-तीन महीने और जारी रहता है तो कंपनियों के मुनाफे पर गंभीर असर पड़ेगा। इससे फंड हाउसों ने जिन कंपनियों के बांड में पैसे लगा रखे हैं, उनके डिफ़ॉल्ट करने का जोखिम बढ़ जाएगा। यह स्थिति निवेशकों के लिए सबसे बुरी होगी, क्योंकि तब फंड हाउस फ्रैंकलिन टेम्पलटन की तरह योजना बंद करके पैसे तत्काल लौटने से इंकार सकते हैं।
- कई म्यूचुअल फंड हाउस ज्यादा रिटर्न के लिए क्रेडिट रिस्क वाले बांड में भी पैसे हैं, जिनकी रेटिंग कम होती है। इन पर डिफॉल्ट का जोखिम बढ़ा।
निवेशक अपनाएं तीन रणनीतियां
- फंड हाउस के जरिये पोर्टफोलियो को पूरी तरह खंगालें और अगर किसी कम रेटिंग वाली कंपनी में निवेश है तो पैसे को तत्काल निकाल लें। उच्च रेटिंग के बांड या सरकारी बांड में पैसे लगे हैं तो चिंता की बात नहीं है।
- निकासी के बाद अपने पैसों को बड़े और भरोसेमंद बैंकों में एफडी के रूप में जमा करा दीजिये। आप चाहें तो कॉरपोरेट एफडी भी करा सकते हैं जो बैंकों से ज्यादा रिटर्न देते हैं। हालांकि, कंपनी की स्थिति और एफडी की रेटिंग जरूर देख लें।
- सिप के जरिये स्माल कैप फंड में निवेश पर भरोसा बनाए रखें। नए निवेशकों के लिए भी मौका है, क्योंकि अभी स्माल कैप का एनएवी 2008 और मिड कैप का 2011 व लार्ज कैप का 2015 के स्तर पर आ गया है यानी सस्ता हो गया है।
भरोसा रखें निवेशक
सभी निवेशक अपने पोर्टफोलियो को सूचीबद्ध कर लें। अगर आपका निवेश जंक बांड में नहीं है और मजबूत कंपनियों से जुड़ा है, तो भरोसा बनाए रखिये। अपने फंड मैनेजर से हर निवेश की जानकारी मांगिए और सलाहकार से राय लीजिए, क्योंकि स्थिति सुधरने पर यही बांड सबसे पहले रिटर्न बढ़ाएंगे। -जगदीश ठक्कर, निवेश सलाहकार