2008 के बाद अब लुढ़का अमेरीकी शेयर बाजार, ट्रंप की छवि पर पड़ा असर
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स्टॉक मार्केट के उफान पर इतराना एक खतरनाक खेल है और ज्यादातर अमेरीकी राष्ट्रपति इससे बचते रहे हैं। बराक ओबामा ने भी अपने कार्यकाल में कभी-कभार ही ऐसा किया था और वो भी तब जब अमेरीकी अर्थव्यवस्था 2008 की बर्बादी के बाद ठीक ठाक संभल गई थी।
डोनल्ड ट्रंप ने अपने प्रचार अभियान के दौरान डाओ जोंस को खूब खरी खोटी सुनाई थी लेकिन अब वो इस शेयर बाजार की तारीफों के पुल बांधते रहते हैं। वे अपने ट्वीट्स, रैलियों और यहां तक कि पिछले हफ्ते के स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण (राष्ट्रपति का सालाना संबोधन) में भी इसे दोहराते रहे हैं। ट्रंप अपने भाषणों में टैक्स कटौती से होने वाले फायदों पर इतराते रहे और डाओ जोंस की गिरावट से उनकी छवि धुंधली होती रही।
डाओ जोंस में साल 2008 के बाद सबसे बडी गिरावट
अमेरीका में शेयर कीमतों में आई 1100 से भी ज्यादा अंकों की गिरावट साल 2008 के वित्तीय संकट के बाद एक दिन में आई सबसे अधिक गिरावट है। डाओ जोंस 4।6 प्रतिशत की गिरावट के साथ सोमवार को 24,345।75 अंकों पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 स्टॉक इंडेक्स 3।8 प्रतिशत और नैस्डेक 3।7 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए हैं।
ये गिरावट पिछले हफ्ते के आखिर में हुए नुकसान के बाद आई है। तब सैलरी बढने के संबंध में आए आंकडों ने ब्याज दरों के बढने का अंदेशा हुआ था।अमेरीकी शेयर बाजारों की इस गिरावट का असर एशियाई बाजारों पर भी देखा गया है। जापान के निकेई सूचकांक में भी शुरुआती कारोबार में ही चार फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
व्हॉइट हाउस के एक प्रवक्ता ने कहा कि स्टॉक मार्केट में वक्त-वक्त पर गिरावट होती रहती है लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप का फोकस अर्थव्यवस्था के दीर्घकालीन पहलुओं पर है और वो असाधारण रूप से मजबूत बना हुआ है।
ट्रंप का अर्थशास्त्र
राष्ट्रपति का भाषण लाइव दिखा रहे अमेरीकी समाचार चैनलों ने उन्हें स्क्रीन से हटाकर स्टॉक मार्केट में आई रिकॉर्ड गिरावट का कवरेज दिखाना शुरू कर दिया। अमेरीकी अर्थव्यवस्था को हाल में मिली कामयाबी के बीच ये सबसे बडी गिरावट है जिसे ज्यादातर अमेरीकियों के लिए लंबे समय तक भुलाना मुश्किल होगा। राष्ट्रपति ट्रंप भले ही अब ये कहेंगे कि देश की अर्थव्यवस्था बुनियादी तौर पर अब भी मजबूत है। लोगों की सैलरी बढी है और बेरोजगारी घटी है।
अगर विकास की रफ्तार जारी रहती है तो बहुत मुमकिन है कि इसे ट्रंप एक बार फिर अपनी कामयाबी के तौर पर भुना लेंगे। चुनावी साल में अगर डाओ जोंस की इस गिरावट को अगर मार्केट करेक्शन की शुरुआत समझा जाएगा तो इसमें कोई शक नहीं कि ट्रंप की कही बातें खुद उन्हें परेशान करने वापस लौट कर आ जाएंगी।