जीएसटी में क्या सस्ता क्या महंगा, पूरी लिस्ट यहां देखें
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प्रस्तावित चार स्तरीय कर संरचना में न्यूनतम दर छह फीसदी और दो मानक दर 12 फीसदी और 18 फीसदी रखी गई है। अधिकतम दर 26 फीसदी है, जो मुख्यत: एफएमसीजी और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं पर लगेगी। इसके अलावा डिमेरिट या सिन गूड्स और प्रदूषणकारी उत्पादों की एक अलग श्रेणी बनाई गई है, जिन पर उपकर (सेस) भी लगाया जा सकता है।
ये चीजें होंगी महंगी
उपभोक्ता महंगाई पर चार स्तरीय कर संरचना के प्रभाव पर सरकार के अनुमान के मुताबिक चिकेन और नारियल का तेल जैसे सामानों, जिनपर अभी चार फीसदी कर लगता है, उनपर जीएसटी व्यवस्था में छह फीसदी कर लगने से वे महंगे हो सकते हैं। इसी तरह से रिफाइंड तेल, सरसों तेल और मूंगफली तेल पर लगने वाला कर भी पांच फीसदी से बढ़कर छह फीसदी हो जाएगा। हल्दी और जीरा पर अभी तीन फीसदी कर लगता है और धनिया, काली मिर्च तथा तिलहनों पर पांच फीसदी कर लगता है। इन पर भी जीएसटी व्यवस्था में छह फीसदी कर लग सकता है। गैस के चूल्हे, गैस बर्नर, मोस्किटो रिपेलेंट और कीटनाशी महंगे हो सकते हैं, क्योंकि इन पर अभी 25 फीसदी कर लगता है, जो जीएसटी व्यवस्था में बढ़कर 26 फीसदी हो जाएगा।
ये चीजें होंगी सस्ती
दूसरी ओर टीवी, एयर कंडीशनर, वाशिंग मशीन, इनवर्टर, रेफ्रीजरेटर, बिजली के पंखे और रसोई उपकरण सस्ते हो सकते हैं, क्योंकि इन पर लगने वाला 29 फीसदी कर घटकर जीएसटी व्यवस्था में 26 फीसदी हो सकता है।
परफ्यूम, शेविंग क्रीम, पावडर, केश तेल, शेंपू, साबुन जैसे स्नान और व्यक्तिगत देखभाल के सामान भी सस्ते हो सकते हैं, क्योंकि इन पर भी अभी 29 फीसदी कर लगता है, जो घटकर 26 फीसदी हो जाएगा।