हीरे के कारोबार बढ़ाने के लिए सूरत के पास बनेगी ‘ड्रीम सिटी’
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हीरे के घरेलू कारोबार के साथ निर्यात में बढ़ोतरी के लिए गुजरात के सूरत शहर के पास अंतर्राष्ट्रीय ट्रेडिंग हब बनाया जा रहा है। इस हब को ड्रीम (डायमंड रिसर्च एंड मर्केंटाइल) सिटी का नाम दिया जा रहा है। चालू वित्त वर्ष 2016-17 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में कट व पोलिश्ड डायमंड के निर्यात में पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 6.61 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
सूरत दुनिया के सबसे बड़े डायमंड क्लस्टर के रूप में जाना जाता है, जहां 3,500 से अधिक डायमंड प्रोसेसिंग यूनिट हैं।
जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के मुताबिक ड्रीम सिटी 2,000 एकड़ में फैली होगी और यहां अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हीरे का कारोबार होगा। यहां राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हीरे कारोबारियों के लिए 10,000 कार्यालय होंगे।
इस सिटी में सालाना 90,000 करोड़ रुपये के कारोबार
अगले चार साल में ड्रीम सिटी के बनकर तैयार होने का अनुमान है और इस पर 1,25,000 करोड़ रुपये की लागत आने की संभावना है।
काउंसिल के अनुमान के मुताबिक ड्रीम सिटी के बनने से सालाना 90,000 करोड़ रुपये के कारोबार का सृजन होगा। ज्वेलरी निर्माण में गुजरात की हिस्सेदारी 85 फीसदी के आसपास है।
भारत में होने वाले हीरे के कुल कारोबार में 65 फीसदी हिस्सेदारी सूरत की है। घरेलू स्तर पर जेम्स व ज्वेलरी का कारोबार वर्ष 2015 में लगभग 50 अरब डॉलर का रहा और वर्ष 2016 में इस कारोबार में 13 फीसदी की बढ़ोतरी का अनुमान है।