सुस्ती में बाजार, सबसे निचले स्तर पर रुपया, कीमत 70.47 के पार
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बुधवार को शेयर बाजार में सुस्ती देखने को मिली। सेंसेक्स हालांकि 38990 के पार जाने में कामयाब हो गया। लेकिन रुपये में कमजोरी का दौर जारी है और यह एक बार फिर से 22 पैसे की कमजोरी के साथ खुला। रुपया एक बार फिर से 70.47 के लेवल को पार कर गया है।
सेंसेक्स 62 अंक की बढ़त के साथ 38,958 के स्तर पर और निफ्टी 10 अंक चढ़कर 11,749 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी दिख रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 0.5 फीसदी चढ़ा है। पीएसयू बैंक, फार्मा, मेटल, ऑटो और ऑयल एंड गैस शेयरों में खरीदारी दिख रही है।
दिग्गज शेयरों में वेदांता, गेल, यूपीएल, सन फार्मा, ओएनजीसी, भारती एयरटेल और एक्सिस बैंक 2.2-0.9 फीसदी तक चढ़े हैं। मिडकैप शेयरों में अपोलो हॉस्पिटल, जेएसडब्ल्यू स्टील, क्रिसिल, भारत फोर्ज और जिंदल स्टील 4-2.7 फीसदी तक उछले हैं। स्मॉलकैप शेयरों में पंजाब एंड सिंध बैंक, जयश्री टी, किर्लोस्कर ऑयल, पीएनबी गिल्ट्स और आईएलएंडएफएस ट्रांसपोर्ट 14.6-6.7 फीसदी तक मजबूत हुए हैं।
रुपया 70.32 पर
डॉलर के मुकाबले रुपया आज 22 पैसे टूटकर 70.32 के स्तर पर खुला है। हालांकि कल के कारोबार में रुपया हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ था। रुपया कल 6 पैसे की बढ़त के साथ 70.10 के स्तर पर बंद हुआ था।
डॉलर के मुकाबले रुपया 72 के पार जा सकता है। आर्थिक विशेषज्ञों के मुताबिक इसकी पूरी संभावना है कि डॉलर आने वाले दिनों में काफी मजबूत होगा। रुपये में ज्यादा गिरावट होने से सबसे पहला असर महंगाई पर पड़ेगा। तुर्की की मुद्रा लीरा में हुई गिरावट के चलते भारत सहित कई देशों की मुद्रा गिर गई है। इसकी वजह से डॉलर काफी मजबूत हो गया है। भारत में रुपया 72 के पार जा सकता है।
इसलिए जाएगा 72 के पार
केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया ने amarujala.com से बात करते हुए बताया कि रुपये में गिरावट का दौर आगे भी जारी रहेगा। रुपया 72 के पार जा सकता है। वैश्विक बाजार में डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है। अगले महीने अमेरिका में फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को बढ़ा सकता है।
कच्चा तेल होगा और महंगा
अजय केडिया ने कहा कि इससे कच्चा तेल और महंगा हो जाएगा, जिससे देश में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, पीएनजी के दामों में इजाफा हो सकता है। इससे खाद्य पदार्थों में भी आग लग सकती है। कच्चा तेल खरीदने के लिए भारत को ज्यादा डॉलर खर्च करना पड़ेगा, जिसका असर आगे आने वाले दिनों में देखना पड़ेगा।
विदेशी निवेशक निकाल सकते हैं डॉलर
अगर रुपये में गिरावट का दौर जारी रहती है तो फिर विदेशी निवेशक भी शेयर बाजार से अपना पैसा निकाल सकते हैं। इससे जिन लोगों ने बड़ी कंपनियों में अपना पैसा लगा रखा है, उनको नुकसान होगा। क्योंकि डॉलर खींचने के बाद कंपनियों के शेयर का दाम गिर जाएगा।
एफआईआई इसी मौके को भुना रहे हैं। अगर टर्किस लीरा और उभरते बाजारों की करेंसी को लेकर चिंताएं गहरा जाती हैं तो एफआईआई बाजार से निकल सकते हैं। अगर ग्लोबल बाजार में टर्किस लीरा और उभरते बाजारों की करेंसी को लेकर कोई चिंता बनती है तो एफआईआई भारत से निकल सकते हैं जिसके चलते रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक जैसे शेयरों पर दबाव देखने को मिल सकता है।
आरबीआई बढ़ा सकता है ब्याज दरें
एचडीएफसी बैंक के इकोनॉमिक एक्सपर्ट अभीक बरूआ ने कहा कि इसका असर सितंबर और अक्टूबर महीने में देखने को मिल सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट का इजाफा कर सकता है। बरूआ ने कहा कि रुपये में थोड़े दिनों के लिए अनिश्चिता का माहौल रहेगा। इसलिए ऐसे समय में एफआईआई जापान और अमेरिका जैसे देशों में डॉलर को भारत से निकालकर जमा कर सकते हैं।