Sensex Closing Bell: उतार-चढ़ाव के बाद फिर फिसला शेयर बाजार; सेंसेक्स 138 अंक गिरा, निफ्टी 24450 से नीचे
Sensex Closing Bell: उतार-चढ़ाव भरे सत्र में बुधवार को बेंचमार्क सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 138.74 अंक या 0.17 प्रतिशत गिरकर 80,081.98 पर बंद हुआ। इसके 22 घटक शेयर लाल निशान पर बंद हुए। आइए जानते हैं हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन किन शेयरों में गिरावट और किनमें बढ़त दर्ज की गई।
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विस्तार
विदेशी पूंजी की लगातार निकासी के बीच ऑटो, फार्मा और पूंजीगत सामान कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली के कारण बुधवार को शेयर बाजारों में लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स और निफ्टी में 0.15% से अधिक की गिरावट
उतार-चढ़ाव भरे सत्र में बेंचमार्क बीएसई सेंसेक्स 138.74 अंक या 0.17 प्रतिशत गिरकर 80,081.98 पर बंद हुआ, जबकि इसके 22 घटक शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान बेंचमार्क 80,000 अंक से नीचे गिरकर 79,891.68 अंक पर पहुंच गया।
एनएसई निफ्टी 36.60 अंक या 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,435.50 पर बंद हुआ। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से महिंद्रा एंड महिंद्रा, सन फार्मा, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, अडानी पोर्ट्स, लार्सन एंड टूब्रो, आईसीआईसीआई बैंक और टाइटन सबसे ज्यादा पिछड़े।
बुधवार बाजार बंद होने के दौरान सेंसेक्स के 30 शेयरों का हाल
बजाज फाइनेंस के शेयरों में पांच फीसदी की तेजी
बजाज फाइनेंस के शेयर में करीब 5 फीसदी की तेजी आई। कंपनी ने बताया कि सितंबर 2024 को समाप्त दूसरी तिमाही में उसका समेकित शुद्ध लाभ 13 फीसदी बढ़कर 4,014 करोड़ रुपये हो गया।
टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचडीएफसी बैंक, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और बजाज फिनसर्व अन्य बड़े लाभार्थियों में शामिल थे। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 3,978.61 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 5,869.06 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
निफ्टी के टॉप गेनर्स और टॉप लूजर्स शेयर
एफआईआई के रुख से बाजार की धारणा हुई प्रभावित
बाजार के जानकारों के अनुसार तिमाही परिणामों में कपनियों की कम आय और एफआईआई की ओर से अचानक की गई प्रतिक्रिया से निवेशकों की मानसिकता निराशाजनक हो गई, जिससे बाजार की धारणा प्रभावित हुई। हालांकि, हाल की गिरावट के बाद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में सौदेबाजी की होड़ मची हुई है, हालांकि इस तेजी के कारण खरीदारी की स्थिरता अनिश्चित बनी हुई है।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "अमेरिका में 10 वर्षीय ब्याज दर में मामूली वृद्धि हुई है, जो फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती की धीमी गति का संकेत है, जिससे उभरते बाजारों के प्रति जोखिम कम होने की धारणा बनी है।"
एशियाई बाजारों में सियोल, शंघाई और हांगकांग में तेजी, रुपया सपाट
एशियाई बाजारों में सियोल, शंघाई और हांगकांग में तेजी रही, जबकि टोक्यो में गिरावट रही। यूरोपीय बाजारों में मिलाजुला रुख रहा। मंगलवार को अमेरिकी बाजार सपाट बंद हुए। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.97 प्रतिशत घटकर 75.30 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। मंगलवार को बीएसई का बेंचमार्क सूचकांक 930.55 अंक या 1.15 प्रतिशत गिरकर 80,220.72 अंक पर बंद हुआ था। वहीं एनएसई का निफ्टी 309 अंक या 1.25 प्रतिशत गिरकर 24,472.10 अंक पर बंद हुआ था। इस दौरान रुपया डॉलर के मुकाबले सपाट रहते हुए 84.08 के स्तर पर बंद हुआ।