डीजल-पेट्रोल हो सकता है और सस्ता, जानिए क्यों
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सऊदी अरब के तेल मंत्री अली-अल-नैमी ने कहा है कि सऊदी में अप्रैल माह में तेल का प्रोडक्शन 10 मिलियन बैरल प्रतिदिन रहेगा, जो रिकॉर्ड हाई है।
सऊदी अरब दुनिया में तेल निर्यात करने वाला सबसे बड़ा देश है। ऐसे में अगर वहां तेल का प्रोडक्शन इसी तरह से बढ़ता रहा तो तेल की कीमतों में गिरावट आई है।
ऐसी स्थिति में आने वाले समय में तेल की कीमतें और अधिक गिर सकती हैं। इसकी वजह से डीजल-पेट्रोल की कीमतों में भी कमी आ सकती है।
अंतरराष्ट्रीय समय के अनुसार 7.48 पर ब्रेंट क्रूड 63.73 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था, जबकि ब्रेंट क्रूड पूरे दिन के कारोबार में 64.34 डॉलर प्रति बैरल के उच्चतम स्तर पर पहुंचा था।
ग्राहकों की मांग है इतने तेल की
नैमी ने कहा कि जितने तेल की मांग उन्हें ग्राहकों की तरफ से आती है, वे हमेशा ही उसे पूरा करने में खुश रहते हैं। वे बोले कि अब ग्राहकों की मांग 10 मिलियन बैरल प्रतिदिन की है।
नैमी दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में तेल कंपनी सऊदी अरैमको की बोर्ड मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए मौजूद थे, जहां पर उन्होंने यह बात कही है।
अप्रैल की शुरुआत से ही तेल की कीमतों में करीब 17 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी देखी गई है। इसका कारण वे रिपोर्ट थीं, जिनके अनुसार अमेरिका से निकलने वाले कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आ सकती है।
लेकिन अब मॉर्गन स्टेनले ने सोमवार को चेतावनी दी है कि सऊदी अरब में तेल का प्रोडक्शन कच्चे तेल की कीमतों में अमेरिका से अधिक महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है।