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Hindi News ›   Business ›   Bazar ›   Natural gas prices in India are likely to cut by 25 percent in beginning April

अप्रैल में मिलेगी महंगाई से राहत, प्राकृतिक गैस की कीमत में गिरावट से सस्ती हो सकती है बिजली-CNG

Sun, 23 Feb 2020 02:08 PM IST
‌डिंपल अलवधी पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Sun, 23 Feb 2020 02:08 PM IST
सार

अप्रैल में आम जनता को बड़ी राहत मिल सकती है। जनता को महंगाई से राहत मिल सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि अप्रैल 2020 से देश में प्राकृतिक गैस (नेचुरल गैस) की कीमतों में 25 फीसदी की कटौती संभव है। 
 

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Natural gas prices in India are likely to cut by 25 percent in beginning April

विस्तार

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वैश्विक स्तर पर दाम में नरमी की वजह से देश में प्राकृतिक गैस की कीमतों में कमी हो सकती है। 

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इतनी हो सकती है कीमत

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां ओएनजीसी और ऑयल इंडिया लिमिटेड एक अप्रैल से छह महीने की अवधि के लिए गैस के दाम में कटौती कर सकती है। इसका दाम करीब 2.5 डॉलर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट हो सकता है। मौजूदा समय में इसकी कीमत 3.23 डॉलर प्रति यूनट है। 

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मालूम हो कि भारत में उत्पादित गैस में इन दोनों कंपनियों की अच्छी-खासी हिस्सेदारी है। सूत्रों के अनुसार कठिन फील्डों से उत्पादित गैस के दाम भी मौजूदा 8.43 डॉलर प्रति यूनिट से कम कर 5.50 डॉलर प्रति यूनिट किए जा सकते हैं। 

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साल में दो बार बदलती हैं प्राकृतिक गैस की कीमत

प्राकृतिक गैस के दाम साल में दो बार यानी हर छह महीने में बदलते हैं। एक अप्रैल और एक अक्तूबर को तेल कंपनियां प्राकृतिक गैस की नई कीमत तय करती है। प्राकृतिक गैस का उपयोग उर्वरक और बिजली उत्पादन में किया जाता है। इसके अतिरिक्त वाहनों में ईंधन के रूप में भी प्राकृतिक गैस का उपयोग किया जाता है। इसका उपयोग सीएनजी और घरों में खाना पकाने की गैस में होता है। 

इससे निर्धारित होती हैं बिजली व सीएनजी की कीमतें 

गैस की दर से जहां यूरिया, बिजली और सीएनजी की कीमतें तय होती हैं, वहीं इससे ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) जैसी गैस उत्पादकों की आय भी निर्धारित होती है। 

अक्तूबर 2019 में हुई थी इतनी कटौती

इससे पहले, एक अक्तूबर 2019 को प्राकृतिक गैस की कीमत में 12.5 फीसदी की कटौती की गई थी। इसके तहत दर 3.69 डॉलर प्रति यूनिट से कम कर 3.23 डॉलर प्रति यूनिट किया गया। वहीं कठिन क्षेत्रों से उत्पादित गैस के लिए कीमत उच्चतम स्तर 9.32 डॉलर प्रति यूनिट से घटाकर 8.43 डॉलर प्रति यूनिट किया गया। 

कंपनियों की आय पर पड़ेगा असर 

इस संदर्भ में सूत्रों ने कहा है कि दाम में कटौती से देश की सबसे बड़ी उत्पादक कंपनी ओएनजीसी की आय पर असर पड़ेगा। वहीं मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज और उसकी भागीदार बीपी की आय भी इससे प्रभावित हो सकती है, जो दूसरे चरण में पूर्वी अपटीय क्षेत्र में केजी-डी6 ब्लॉक में खोजे गए फील्ड से 2020 के मध्य से उत्पादन की योजना बनाई है। गैस की कीमतों में कटौती से ओएनजीसी जैसी कंपनियों की आय कम होगी लेकिन इससे सीएनजी के दाम भी कम होंगे जिसका उपयोग कच्चे माल के रूप में प्राकृतिक गैस में किया जाता है। 

यूरिया की उत्पादन लागत में होगा बदवाल

साथ ही घरों में पाइप के जरिए पहुंचने वाली रसोई गैस और उर्वरक तथा पेट्रोर सायन की लागतें भी कम होंगी। सूत्रों के अनुसार, ओएनजीसी का गैस करोबार से आय और कमाई करीब 3,000 कम होगी। गैस के दाम में एक डॉलर प्रति यूनिट के बदलाव से यूरिया की उत्पादन लागत करीब 1,600 से 1,800 रुपये प्रति टन का बदलाव आता है। कीमत में कटौती से सरकार की सब्सिडी में 2020-21 की पहली छमाही में 800 करोड़ रुपये की कमी आएगी।

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