मैंथा इंडस्ट्री को नहीं मिल रहे विदेश से ऑर्डर, कारोबार को बड़ा झटका
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भारत में मैंथा आयल के दाम में तेजी के बाद चीन और यूरोप के साथ अमेरिका तक में खरीदार नए आर्डर देने में सुस्ती दिखा रहे हैं। चीन, यूरोप और अमेरिका से आर्डर नहीं मिलने से मैंथा इंडस्ट्री को झटका लगा है। मैंथा का सीजन शुरू होने पर जून तक मैंथा आयल के भाव 800 से 900 रुपये प्रति किलोग्राम तक रहे। इस दौरान विदेशी बायर्स ने काफी खरीदारी की लेकिन जैसे भी भाव 900 रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर गया, विदेशी खरीदारों ने सुस्ती दिखाना शुरू कर दिया।
यही वजह रही कि जून के बाद 10 अगस्त तक महज एक-दो आर्डर ही इंडस्ट्री को मिले हैं। दिल्ली से प्रमुख निर्यातक हिमांशु अग्रवाल ने बताया कि भारत से निर्यात होने वाले कुल मैंथॉल प्रोडक्ट में 50 प्रतिशत माल अकेले चीन खरीदता है। लेकिन, जून के बाद चीन के 10-12 बायर्स ने खरीद बंद कर दी है।
यूरोप और अमेरिका से भी विदेशी बायर्स ने आर्डर देना कम कर दिया
यूरोप और अमेरिका से भी विदेशी बायर्स ने आर्डर देना कम कर दिया है। इससे भारतीय बाजार में सुस्ती है। मैंथा की प्रासेस करने वाली इंडस्ट्री घाटे की ओर है। इस स्थिति में मैंथा इंडस्ट्री एक बार फिर मंदी की शिकार है। भाव 900 रुपये प्रति किलोग्राम तक लौटने पर खरीददारों के उत्साहित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
मैंथा इंडस्ट्री में शुरू के तीन महीने तो बहुत अच्छे गए। पर इधर के डेढ़ महीने से विदेशी आर्डर नहीं मिलने से कारोबार प्रभावित है। ऐसे में इंडस्ट्री को विदेशी आर्डर मिलने का इंतजार है।
-अतुल अग्रवाल, मैंथाल के निर्यातक
सिंथेटिक मैंथाल की बढ़ती खपत और विदेशों में पर्याप्त माल होने की जानकारी मिल रही है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खरीदारी घटी है। मुझे लगता है कि यदि बाजार भाव थोड़ा सा घटा तो हालात सुधरेंगे और विदेशों से आर्डर मिल सकेंगे।
-अंकुर अग्रवाल, मैंथाल के निर्यातक
पिछले दिनों मंदी में चीन और यूरोप ने काफी खरीदारी की थी। उनके पास माल है। इसलिए वे हाथ रोककर खरीदारी कर रहे हैं। इस बीच आवक भी कम हुई है। संभल में जहां इन दिनों 150 ड्रम मैंथा आयल आता था वहां अब 80-90 ड्रम की आवक होने का अनुमान है। चंदौसी में 25-30 ड्रम की आवक है।
दीपक गुप्ता, संभल मैंथा एसोसिएशन के सचिव