अभी सस्ते मिल रहे ज्यादा कीमत में बने गहने, खरीदने का है अच्छा मौका
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोने की कीमत भले ही पिछले पांच साल के निचले स्तर पहुंच गई है, लेकिन इसका लाभ सोने की ज्वेलरी निर्माताओं को नहीं मिल रहा है। हालांकि सोने के ज्वेलरी निर्माताओं को सोने के भाव में गिरावट से ज्वेलरी निर्यात में और बढ़ोतरी की उम्मीद लग रही है।
घरेलू बाजार में सोने की कीमत 25,000 रुपये प्रति दस ग्राम के स्तर पर पहुंच गई जो पिछले पांच साल में सबसे कम है। राजमल लखी चंद ज्वैलर्स के मनीष जैन के मुताबिक सोने के दाम गिरने से ज्वेलरी की मांग में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि जब कीमत गिर रही होती है तो ग्राहकों को और गिरावट की उम्मीद होती है।
ऐसे में ग्राहक इस बात का इंतजार करते हैं कि गिरावट थमने के बाद ज्वेलरी की खरीदारी करेंगे ताकि उन्हें गिरावट का पूरा लाभ मिल सके। अन्य ज्वेलरी निर्माताओं ने बताया कि ज्वेलरी का स्टॉक पहले से मौजूद है।
अब उन्हें दिक्कत इस बात की आ रही है कि पिछले महीने के ज्वेलरी की लागत अधिक है क्योंकि उस समय सोने की कीमत अधिक थी। अब सोने के भाव कम हो गए हैं इसलिए उन्हें पुराने ज्वेलरी को भी सोने के नए भाव के हिसाब से बेचना होगा।
त्यौहारी का मौसम अभी नहीं आया
ज्वेलरी निर्माताओं का यह भी कहना है कि अभी कोई त्यौहारी मौसम नहीं है और न ही शादी-ब्याह का सीजन है। शादी-ब्याह का सीजन होने पर निश्चित रूप से सोने के दाम में आई गिरावट का उन्हें लाभ मिलता क्योंकि शादी-ब्याह के मौसम में ग्राहक आते ही हैं और कीमत कम देखकर वे अधिक खरीदारी कर लेते हैं।
जेम्स व ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के वाइस चेयरमैन पंकज पारीख के मुताबिक सोने के दाम में गिरावट से ज्वेलरी निर्माण की लागत कम होगी और इससे निश्चित रूप से विदेश में इसकी मांग निकलेगी।
लेकिन यह मांग काफी हद तक तेल की कीमत पर निर्भर करेगी क्योंकि तेल के दाम कम होने पर खाड़ी के देशों से निकलने वाली मांग में कमी आएगी।