एलआईसी के IPO से होगा पूरे बीमा उद्योग को फायदा: फिच
फिच रेटिंग्स के अनुसार, जीवन बीमा निगम ( एलआईसी ) के प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम ( IPO ) से देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी की जवाबदेही और पारदर्शिता में सुधार होगा।
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इसके साथ ही फिच रेटिंग्स ने बुधवार को कहा है कि एलआईसी के आईपीओ से पूरे बीमा उद्योग को फायदा होगा। फिच ने कहा कि इसका लाभ संभवत: पूरे बीमा उद्योग को मिलेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि उद्योग अधिक विदेशी पूंजी आकर्षित कर पाएगा, जिससे देश में विदेशी पूंजी का प्रवाह भी बढ़ेगा।
सभी बीमा कंपनियों के लिए सूचीबद्ध होना अनिवार्य नहीं
फिच ने उम्मीद जताई है कि एक बार एलआईसी का आईपीओ आने के बाद निजी क्षेत्र की कुछ बीमा कंपनियां भी मध्यम अवधि में अपने शेयरों को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने को प्रोत्साहित होंगी। हालांकि, मौजूदा नियमनों के तहत सभी बीमा कंपनियों के लिए सूचीबद्ध होना अनिवार्य नहीं है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की थी घोषणा
बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने 2020-21 के बजट भाषण में घोषणा की थी कि सरकार की विनिवेश पहल के तहत एलआईसी को सूचीबद्ध किया जाएगा।
LIC में सरकार की 100 फीसदी हिस्सेदारी
मौजूदा समय में एलआईसी में सरकार की 100 फीसदी हिस्सेदारी है। फिच ने कहा है कि सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध एलआईसी को अधिक कड़े खुलासा नियमों को पूरा करना होगा। इससे कंपनी के भीतर ही अनुपालन और जवाबदेही की मजबूत संस्कृति बनेगी। विश्लेषकों को एलआईसी का वैल्यूएशन आठ से 10 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
क्या है आईपीओ ?
जब भी कोई कंपनी या सरकार पहली बार आम लोगों के सामने कुछ शेयर बेचने का प्रस्ताव रखती है तो इस प्रक्रिया को प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) कहा जाता है। मतलब एलआईसी के आईपीओ को सरकार आम लोगों के लिए बाजार में रखेगी। इसके बाद लोग एलआईसी में शेयर के जरिए हिस्सेदारी खरीद सकेंगे।