उभरती अर्थव्यवस्थाओं में भारत की जोखिम झेलने की क्षमता ज्यादा: मूडीज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज का कहना है कि इस वर्ष और अगले वर्ष के दौरान भारत की विकास दर जी20 देशों में सबसे अधिक रहेगी। एजेंसी का कहना है कि इस दौरान भारत की विकास दर 7.75 फीसदी रहेगी।
मूडीज इन्वेस्टर सर्विस ने अपनी रिपोर्ट में अनुमान जताया है कि बाहरी झटकों के दायरे में भारत का कम एक्सपोजर है और सकारात्मक रेटिंग परिदृश्य में लचीली वृद्धि तथा सुधार की गतिविधि जाहिर होती है।
रेटिंग एजेंसी के मुताबिक उभरते बाजारों वाली अर्थव्यवस्थाओं में जोखिम को झेलने की विभिन्न किस्म की क्षमताएं हैं जो वर्ष 2015-16 में वैश्विक साख की गुणवत्ता को प्रभावित करना जारी रखेगी।
मूडीज की यह पोर्ट बीएए रेटिंग प्राप्त पांच देशों - तुर्की, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, भारत और इंडोनेशिया- पर केन्द्रित है।
भारत में बढ़ेगा निवेश
मूडीज ने कहा है कि जिन अन्य देशों की यहां चर्चा हुई है उनमें भारत की बेहतर स्थिति है और इस पर बाहरी झटकों का कम ही प्रभाव पड़ेगा।
भारत की बीएए रेटिंग और सकारात्मक परिदृश्य से एजेंसी की राय जाहिर होती है कि अपेक्षाकृत लचीली वृद्धि और नीतिगत सुधार की गति से मुद्रास्फीति धीरे-धीरे स्थिर हो जाएगी।
इसके साथ ही भारत में नियामकीय माहौल में भी सुधार होगा और ढांचागत संरचना में निवेश बढ़ेगा। एजेंसी का कहना है कि आने वाले समय में भारत का सरकारी ऋण अनुपात भी घटेगा।
मूडीज ने अपनी रपट में कहा है कि उभरते बाजारों के लिए मुख्य चीज बाहरी जोखिम है। भारत का प्रयास है कि अमेरिका की मौद्रिक नीति के सामान्य होने तक जोखिम से बचने का प्रयास किया जाए। साथ ही चीन में भी स्थिति थोड़ी ठीक होने की इसे उम्मीद है।