जीएसटी बिल से छोटे उद्यमियों व कारोबारियों को शुरू में नहीं मिल पाएगा लाभ
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जीएसटी लागू होने पर काफी छोटे स्तर के उद्यमियों व कारोबारियों को आरंभ के वर्षों में इसका लाभ नहीं मिलेगा। उल्टा इसके लागू होने पर उनके कारोबार की लागत बढ़ जाएगी।
फेडरेशन ऑफ इंडियन स्मॉल मीडियम एंटरप्राइजेज (फिस्मे) के महासचिव, अनिल भारद्वाज के मुताबिक जीएसटी सैद्धांतिक रूप से काफी फायदेमंद है क्योंकि इससे कर चोरी की संभावना कम हो जाएगी और ईमानदारी से काम करने वाले कारोबारियों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
लेकिन छोटे स्तर के उद्यमियों व कारोबारियों को शुरू के कुछ वर्षों में जीएसटी का कोई लाभ नहीं मिल पाएगा क्योंकि वे अपने कारोबार का रिकॉर्ड सही तरीके से नहीं रखते हैं।
टैक्स का रिफंड तभी जब खरीदारी का कागज दिखा सकेंगे कारोबारी
जीएसटी के प्रावधानों के मुताबिक, वस्तुओं की खरीदारी पर कारोबारी या उद्यमी जो कर देंगे, उसकी वापसी तभी संभव हो सकेगी जब वे खरीदारी के कागजातों को संभाल कर रखेंगे या उन्हें मेनटेन करेंगे। अगर वे ऐसा नहीं करेंगे तो उन्हें लाभ मिलने की जगह उनकी लागत में बढ़ोतरी होगी।
भारद्वाज ने बताया कि चाय की दुकान, ब्यूटी पार्लर व इस प्रकार के छोटे-मोटे काम करने वाले कारोबारी अक्सर अपनी खरीदारी से जुड़े कागजात संभाल कर नहीं रखते हैं और इनमें से कम ही लोग टैक्स रिटर्न भरते हैं। बिना टैक्स रिटर्न भरे उन्हें दिए गए टैक्स का भुगतान नहीं हो पाएगा। कारोबारियों के मुताबिक, छोटे कारोबारी कम पढ़े लिखे होते हैं और दस्तावेजी काम से वे खुद को दूर रखते हैं।
उन्हें कारोबार की पूरी समझ होती है, लेकिन टैक्स रिटर्न भरना, रिफंड लेना जैसे काम उन्हें पूरी तरह समझ में नहीं आते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, जहां तक जीएसटी के लागू होने का सवाल है तो अभी इसमें काफी समय लगेगा क्योंकि इसे अभी कई प्रकार के चरणों से गुजरना है।