कॉर्पोरेट टैक्स में कमी से बजट के बाद नुकसान की 50 फीसदी भरपाई एक दिन में
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पांच जुलाई 2019 को पेश हुए मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के बजट के बाद भातीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट आई थी। बजट पेश होने के बाद करीब ढाई महीने में सेंसेक्स में 3,815 अंकों की गिरावट देखी गई थी। लेकिन कॉर्पोरेट टैक्स पर लिए गए फैसले के बाद बाजार में रौनक आई और शेयर बाजार में पिछले 10 साल की सबसे बड़ी इंट्रा डे तेजी देखी गई। निर्मला सीतारमण के एलान के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 1,921 अंक यानी 5.32 फीसदी की बढ़त के बाद 38,015 के स्तर पर बंद हुआ था। यानी सेंसेक्स ने ढाई महीनों में हुए नुकसान की आधे से अधिक भरपाई एक दिन में ही कर ली है।
10 साल में एक दिन की सबसे बड़ी तेजी
यह सेंसेक्स की अब तक की दूसरी पिछले 10 साल में एक दिन की सबसे बड़ी तेजी है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का टर्नओवर करीब तीन गुना बढ़कर 90,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। ऑटो, कैपिटल गुड्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल, मेटल और टेलिकॉम इंडेक्स में 9.85 फीसदी तक का उछाल आया।
ऑटो उद्योग को बड़ी राहत मिली है। ऑटो कंपनियों के शेयर 12.52 फीसदी तक उछले। एफमसीजी कंपनियों के शेयर 8.73 फीसदी तक बढ़े। सरकारी व निजी बैंकों के शेयरों में 10.74 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। सेंसेक्स की 30 में से 25 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए
कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती से होंगे ये आठ बड़े बदलाव -
टलेगा नौकरी जाने का खतरा
सरकार के फैसले पर क्रेडाई ने कहा कि इससे नौकरियां जाने का खतरा कम होगा और खरीदारी बढ़ेगी। मांग के बढ़ने से उत्पादन भी बढ़ेगा।
ज्यादा कर्ज दे पाएंगे बैंक
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के इकोनॉमिस्ट सुवोदीप रक्षित का कहना है कि सरकार द्वारा घरेलू कंपनियों को दिए जानी वाली छूट का फायदा बैंकों को भी होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि बैंकों को उनका फंसा हुआ कर्ज वापस मिल सकेगा। ऐसी स्थिति में वे ग्राहकों को ज्यादा कर्ज दे सकेंगे।
कम हो सकती हैं उत्पादों की कीमतें
कॉर्पोरेट टैक्स कम होने से कंपनियां उत्पादों की कीमतें कम कर सकती हैं, जिसका सीधा फायदा आपको होगा। टाइटन के सीएफओ एस सुब्रमण्यम का कहना है कि त्योहारों से पहले कंपनियां कई ऑफर भी ला सकती हैं। इससे बाजार में तेजी आएगी और उत्पादन बढ़ेगा।
शुरू होंगे नए स्टार्टअप
अब 1 अक्तूबर, 2019 के बाद बनने वाली विनिर्माण कंपनियों को 15 फीसदी की दर से कॉर्पोरेट कर देना होगा। इसमें सभी तरह के सरचार्ज और सेस जुड़ने के बाद कर की दर 17.01 फीसदी होगी। इससे मोदी सरकार के मेक इन इंडिया परियोजना को बूस्ट मिलने की उम्मीद है। अब कारोबारी नई कंपनियों पर जोर देंगे। सुस्त पड़ चुकी स्टार्टअप योजना को भी बढ़ावा मिल सकता है। रोजगार के मौके पैदा होंगे।
कंपनियों का होगा विस्तार
पीरामल ग्रुप के चेयरमैन अजय पीरामल का कहना है कि टैक्स में कटौती से कंपनियों का आसानी से विस्तार हो सकेगा और उन्हें ज्यादा लोगों की जरूरत होगी, जिससे रोजगार बढ़ेगी। इससे सरकार का टैक्स बेस भी बढ़ेगा।
विदेशी कंपनियां भारत आ सकेंगी
हो सकता है कि इस कदम के बाद ज्यादा विदेशी कंपनियां भारत आएं। ऐसा कहना है बायोकॉन प्रमुख किरण मजूमदार शॉ का। अमेरिका और चीन के बीच चल रहे व्यापार युद्धा का लाभ भारत को मिल सकता है। टैक्स में कटौती से विदेशी कंपनियां बढ़ेंगी।
ऑटो कंपनियां ऑफर लाएंगी, मांग भी बढ़ेगी
सियाम के अध्यक्ष राजन वढेरा ने कहा कि कॉर्पोरेट कर में कटौती का लाभ सुस्त पड़े ऑटो सेक्टर को भी मिलेगा। इसका सीधा असर गाड़ियों की कीमतों पर पड़ेगा। वहीं इस संदर्भ में महिंद्रा एंड महिंद्रा के एमडी पवन गोयनका का कहना है कि इससे कंपनियों की क्षमता बढ़ेगी।