Gold Silver Price: सोने की वायदा कीमत में गिरावट, उच्चतम स्तर से 9823 रुपये नीचे है दाम
एमसीएक्स पर सोना वायदा 0.6 फीसदी गिरकर 46377 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। पिछले सत्र में सोना सपाट स्तर पर बंद हुआ था और चांदी में 1.2 फीसदी की तेजी आई थी।
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आज घरेलू बाजार में सोने और चांदी की वायदा कीमत में गिरावट आई। एमसीएक्स पर सोना वायदा 0.6 फीसदी गिरकर 46377 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। चांदी में एक फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। पीली धातु पिछले साल के उच्चतम स्तर (56200 रुपये प्रति 10 ग्राम) से अब भी 9823 रुपये नीचे है। पिछले सत्र में सोना सपाट स्तर पर बंद हुआ था और चांदी में 1.2 फीसदी की तेजी आई थी। अगस्त में सोने के अधिक आयात के बावजूद, भारत में सोने की भौतिक मांग कमजोर रही। घरेलू डीलरों को उम्मीद है कि आने वाले त्योहारी सीजन में और ग्राहक आएंगे।
वैश्विक बाजार में इतनी है कीमत
वैश्विक बाजारों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा अपनी मासिक बांड खरीद को आसान बनाने के संकेत के बाद आज सोने की कीमतों में गिरावट आई है। हाजिर सोना 0.3 फीसदी की गिरावट के साथ 1,762.33 डॉलर प्रति औंस पर था। डॉलर इंडेक्स एक महीने के उच्च स्तर के करीब रहा।
फेड के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने कहा कि केंद्रीय बैंक नवंबर में परिसंपत्ति खरीद को कम करना शुरू कर सकता है और 2022 के मध्य तक प्रक्रिया को पूरा कर सकता है। अन्य कीमती धातुओं में चांदी 0.3 फीसदी गिरकर 22.60 डॉलर प्रति औंस हो गई जबकि प्लैटिनम 994.84 डॉलर पर रहा।
अप्रैल-जून तिमाही में 19 फीसदी बढ़ी भारत में सोने की मांग
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल अप्रैल-जून तिमाही में भारत में सोने की मांग 19.2 फीसदी बढ़ी और यह 76.1 टन पर पहुंच गई। पिछले साल महामारी को रोकने के लिए लगाए गए देशव्यापी लॉकडाउन की वजह से आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई थीं। डब्ल्यूजीसी की रिपोर्ट '2021 की दूसरी तिमाही में सोने की मांग के रुझान' में कहा गया कि कैलेंडर वर्ष 2020 की दूसरी तिमाही में सोने की कुल मांग 63.8 टन थी। रिपोर्ट के मुताबिक, कीमत के लिहाज से भारत में सोने की मांग समीक्षाधीन अवधि में 23 फीसदी बढ़ी और यह 32,810 करोड़ रुपये हो गई। साल 2020 की समान अवधि में यह आंकड़ा 26,600 करोड़ रुपये था। देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के प्रकोप के चलते पिछली तिमाही के मुकाबले मांग में 46 फीसदी की गिरावट आई। मौजूदा साल की पहली छमाही में कुल मांग 157.6 टन रही।