रिकॉर्ड स्तर पर सोने-चांदी का भाव, नौ माह के निचले स्तर पर पहुंचा रुपया
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मंगलवार को जहां शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली, वहीं सोने-चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल देखने को मिला। दिल्ली सराफा बाजार में चांदी में 1038 रुपये का उछाल आया। सोना मंगलवार को 595 रुपये की छलांग लगाकर 40,195 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। सोने का यह 29 अगस्त के बाद का उच्चतम स्तर है। 29 अगस्त को यह 40,220 रुपये प्रति दस ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर था। हालांकि, उसके बाद लगातार तीन कारोबारी दिवस में गिरावट रही। वहीं डॉलर के मुकाबले रुपया नौ माह के निचले स्तर पर पहुंच गया।
यह रहा सोने का भाव
राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमत 38,987 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। मजबूत वैश्विक रुख और स्थानीय ज्वैलर्स की लिवाली के कारण सोने में यह तेजी देखने को मिली है। चांदी की कीमत 47,960 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। सोना स्टैंडर्ड 595 रुपये उछलकर 40,195 रुपये प्रति दस ग्राम पहुंच गया। सोना बिटुर भी इतनी ही तेजी के साथ 40,025 रुपये प्रति दस ग्राम बिका। आठ ग्राम वाली गिन्नी भी 400 रुपये की मजबूती के साथ 30,300 रुपये पर रही।
औद्योगिक इकाइयों और सिक्का कारोबारियों की लिवाली बढ़ने से चांदी की कीमत में यह उछाल देखने को मिला है। चांदी हाजिर 270 रुपये की बढ़ोतरी में 49,070 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर रही। भविष्य में कीमतों में तेज वृद्धि की आशंका में चांदी वायदा 1,100 रुपये चढ़कर 47,840 रुपये प्रति किलोग्राम बोली गयी। सिक्का लिवाली और बिकवाली भी 30-30 रुपये चढ़कर क्रमशः 1,030 रुपये और 1,040 रुपये के भाव बिके।
वैश्विक बाजार में यह रहा हाल
वैश्विक स्तर की बात करें, तो न्यूयॉर्क में सोना 1,530 डॉलर प्रति औंस पर और चांदी 18.50 डॉलर प्रति औंस पर रही।इस समय सोने की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी का प्रमुख कारण यूएस-चाइना ट्रेड वॉर बना हुआ है। वहीं अंतर बैंक विदेशी विनियम बाजार में रुपया भी 97 पैसे की गिरावट के साथ 72.39 प्रति डॉलर के अपने नौ माह के निचले स्तर पर आ गया।
रुपये में मंगलवार को इस साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कमजोर आर्थिक आंकड़ों और शेयर बाजार में भारी गिरावट के बीच रुपये ने इंट्राडे कारोबार में पूरे 100 पैसे की गिरावट के साथ 72.40 का निचला स्तर छू लिया। कारोबार के अंत में रुपया 99 पैसे गिरकर 72.39 पर बंद हुआ। सुबह के कारोबार में यह 55 पैसे की गिरावट के साथ डॉलर के मुकाबले 71.95 पर खुला था। शुक्रवार को रुपया 71.40 पर बंद हुआ था। सोमवार को गणेश चतुर्थी के अवसर पर बाजार बंद रहे थे। रुपया 11 अक्टूबर 2018 को अब तक के सबसे निचले स्तर 74.48 पर पहुंच गया था। इस साल देश की मुद्रा 3.73 फीसदी कमजोर हो चुकी है।
पांच साल में 20 फीसदी खो चुका है वैल्यू
रुपया गत पांच साल में डॉलर के मुकाबले करीब 20 फीसदी कमजोर हो चुका है। खास बात यह है कि रुपये के कमजोर होने से न तो देश के निर्यात में कोई विशेष बढ़ोतरी हो पाई और न ही निर्यातकों को कोई लाभ मिला है। तीन सितंबर 2014 को डॉलर के मुकाबले रुपया 60.49 पर था, जो मंगलवार तीन सितंबर 2019 को गिरकर 72.39 रुपए पर आ गया। यह 19.67 फीसदी की गिरावट दर्शाता है। इस बीच डॉलर के मुकाबले तीन सितंबर 2015 को रुपया 66.09 पर, तीन सितंबर 2016 को 66.64 पर , तीन सितंबर 2017 को 64.02 पर और तीन सितंबर 2018 को यह डॉलर के मुकाबले 71.25 पर था।