बाजार में छाई सुस्ती के बीच निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प बनकर उभरा गोल्ड ईटीएफ
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गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) ने सितंबर में लगातार दूसरे महीने निवेशकों को आकर्षित किया और कुल 44 करोड़ रुपये का निवेश बटोरा। इससे पहले अगस्त में गोल्ड ईटीएफ में 145 करोड़ रुपये का निवेश आया था।
कारोबारी गतिविधियों के साथ बाजार में छाई सुस्ती के बीच यह निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प बनकर उभरा है। यह निवेश इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पिछले साल नवंबर में 10 करोड़ का निवेश आने के बाद इस साल अगस्त में पहली बार गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों ने रुख किया है। एम्फी के मुताबिक, सितंबर 2018 में निवेशकों ने गोल्ड ईटीएफ में 34 करोड़ रुपये लगाए थे।
क्या है ईटीएफ?
ETF को एक्सचेंज ट्रेडेड फंड कहते हैं जो निवेश का एक सरल माध्यम है। इसकी खरीद-फरोख्त अन्य शेयरों की तरह स्टॉक एक्सचेंज में ही होती है। लेकिन इसे स्टॉक एक्सचेंज में खरीद-बिक्री की सुविधा वाला फंड भी कहा जाता है। यह किसी इंडेक्स या कई एसेट्स के समूह को ट्रैक करता है। पूरे दिन कारोबार होने से इसकी भी कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जाता है। बेहतर लिक्विडिटी होने की वजह से इसे कभी भी बेचा जा सकता है।
कैसे करता है काम?
ईटीएफ किसी इंडेक्स या एसेट को ट्रैक करता है। अगर कोई ईटीएफ बीएसई सेंसेक्स को ट्रैक करता है तो यह अपने फंड का निवेश सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों के शेयरों में करेगा। यह निवेश उसी अनुपात में होगा, जितना हर कंपनी का सेंसेक्स में वेटेज होगा। आपके इस ईटीएफ में निवेश करने पर एसेट मैनेजमेंट कंपनी आपको निवेश के मूल्य के हिसाब से यूनिट्स जारी कर देगी।