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2018 में बैंक नहीं सेविंग करने के लिए करें इनमें इन्वेस्ट, मिलेगा 50 फीसदी से अधिक रिटर्न
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 31 Dec 2017 04:23 PM IST
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2017 साल के आखिरी दिनों में सरकार ने आम आदमी को झटका देते हुए बैंक और पोस्ट ऑफिस में चलने वाली स्मॉल सेविंग स्कीम में इंटरेस्ट रेट को घटा दिया है। ऐसे में एक आम आदमी अपने निवेश को नए साल में कहां करें, जिससे उसको अच्छी ग्रोथ मिलें और साथ ही में रिटर्न भी ऐसा मिलें जिसकी कल्पना लोग सपने में भी नहीं कर सकते हैं।
इस फंड ने दिया स्टॉक मार्केट से ज्यादा निवेश
2017 में जिस फंड ने स्टॉक मार्केट, बैंक एफडी, स्मॉल सेविंग अकाउंट्स से ज्यादा रिटर्न दिया वो म्युचुअल फंड में था। म्युचुअल फंड में कई स्कीम्स ऐसी हैं जिनमें इस साल 50 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न मिला। यह उम्मीद 2018 में भी कायम रहने की उम्मीद है।
सेबी ने किया नियमों में बदलाव
सिक्युरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने इस साल म्युचुअल फंड के नियमों में काफी बदलाव कर दिया है। इसमें निवेश करने के लिए आधार को जरूरी करने के साथ ही एक और बड़ा बदलाव किया है।
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हर कैटेगिरी में चलेगी केवल एक स्कीम
हर स्कीम में अब केवल एक ही स्कीम चलेगी। धीरे-धीरे म्युचुअल फंड कंपनियां सेबी के इस नियम के अनुसार अपनी योजनाओं को बदल रही हैं। इससे आमलोगों के लिए अच्छी योजना को छांटना और निवेश करना आसान हो जाएगा।
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इस फंड ने दिया स्टॉक मार्केट से ज्यादा निवेश
2017 में जिस फंड ने स्टॉक मार्केट, बैंक एफडी, स्मॉल सेविंग अकाउंट्स से ज्यादा रिटर्न दिया वो म्युचुअल फंड में था। म्युचुअल फंड में कई स्कीम्स ऐसी हैं जिनमें इस साल 50 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न मिला। यह उम्मीद 2018 में भी कायम रहने की उम्मीद है।
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सेबी ने किया नियमों में बदलाव
सिक्युरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने इस साल म्युचुअल फंड के नियमों में काफी बदलाव कर दिया है। इसमें निवेश करने के लिए आधार को जरूरी करने के साथ ही एक और बड़ा बदलाव किया है।
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हर कैटेगिरी में चलेगी केवल एक स्कीम
हर स्कीम में अब केवल एक ही स्कीम चलेगी। धीरे-धीरे म्युचुअल फंड कंपनियां सेबी के इस नियम के अनुसार अपनी योजनाओं को बदल रही हैं। इससे आमलोगों के लिए अच्छी योजना को छांटना और निवेश करना आसान हो जाएगा।
छोटी योजनाओं में मिला झटका
ब्याज दरों में 0.2 फीसदी की कटौती का फैसला जनवरी से मार्च की अवधि के दौरान लागू होगा। यह कदम बैंकों को कम जमा दरों के लिए प्रोत्साहित करने के लिए उठाया गया है। वित्त मंत्रालय से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि वरिष्ठ नागरिकों की पांच वर्षीय बचत योजनाओं पर ब्याज दर 8.3 फीसदी ही रहेगी। इनकी योजनाओं पर त्रैमासिक ब्याज दिया जाता है।
इनमें घटा इंटरेस्ट रेट
राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी), सुकन्या समृद्धि खाता, किसान विकास पत्र (केवीपी) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) जैसी योजनाओं के लिए ब्याज दरों में कमी की गई है। हालांकि बैंक खातों के सेविंग अकाउंट पर 4 फीसदी वार्षिक दर बनी रहेगी। पिछले साल अप्रैल से सभी छोटी बचत योजनाओं पर त्रैमासिक आधार पर बदलाव हो रहा है।
पीपीएफ, एनएससी पर मिलेगा ये ब्याज
अधिसूचना के अनुसार, पीपीएफ और एनएससी पर 7.6, केवीपी पर 7.3 फीसदी ब्याज मिलेगा। सुकन्या समृद्धि खाते पर अब ब्याज दर 8.3 फीसदी से घटकर 8.1 फीसदी रह जाएगी। एक से पांच साल तक के टर्म डिपोजिट पर ब्याज दर 6.6 से 7.4 फीसदी और पांच वर्षीय रिकरिंग डिपोजिट पर 6.9 फीसदी ब्याज दर रहेगी। इनमें ब्याज का भुगतान त्रैमासिक होता है।
ब्याज दरों में 0.2 फीसदी की कटौती का फैसला जनवरी से मार्च की अवधि के दौरान लागू होगा। यह कदम बैंकों को कम जमा दरों के लिए प्रोत्साहित करने के लिए उठाया गया है। वित्त मंत्रालय से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि वरिष्ठ नागरिकों की पांच वर्षीय बचत योजनाओं पर ब्याज दर 8.3 फीसदी ही रहेगी। इनकी योजनाओं पर त्रैमासिक ब्याज दिया जाता है।
इनमें घटा इंटरेस्ट रेट
राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी), सुकन्या समृद्धि खाता, किसान विकास पत्र (केवीपी) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) जैसी योजनाओं के लिए ब्याज दरों में कमी की गई है। हालांकि बैंक खातों के सेविंग अकाउंट पर 4 फीसदी वार्षिक दर बनी रहेगी। पिछले साल अप्रैल से सभी छोटी बचत योजनाओं पर त्रैमासिक आधार पर बदलाव हो रहा है।
पीपीएफ, एनएससी पर मिलेगा ये ब्याज
अधिसूचना के अनुसार, पीपीएफ और एनएससी पर 7.6, केवीपी पर 7.3 फीसदी ब्याज मिलेगा। सुकन्या समृद्धि खाते पर अब ब्याज दर 8.3 फीसदी से घटकर 8.1 फीसदी रह जाएगी। एक से पांच साल तक के टर्म डिपोजिट पर ब्याज दर 6.6 से 7.4 फीसदी और पांच वर्षीय रिकरिंग डिपोजिट पर 6.9 फीसदी ब्याज दर रहेगी। इनमें ब्याज का भुगतान त्रैमासिक होता है।