विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजारों में दिसंबर में किया 2,600 करोड़ रुपये का निवेश
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नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरीज लिमिटेड के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशक दिसंबर में शुद्ध लिवाल रहे। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ( FPI ) ने दो दिसंबर से 27 दिसंबर के बीच घरेलू बाजार में 2,613 करोड़ रुपये का निवेश किया। इस साल एफपीआई ने शुद्ध रूप से शेयर और बांड बाजार में 73,276.63 करोड़ रुपये का निवेश किया है। बता दें कि जनवरी, जुलाई और अगस्त को छोड़कर एफपीआई साल 2019 के शेष महीनों में शुद्ध लिवाल रहे हैं।
6,301.96 करोड़ रुपये का किया शुद्ध निवेश
डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, एफपीआई ने शेयर बाजारों में 6,301.96 करोड़ रुपये शुद्ध निवेश किए। हालांकि बॉन्ड बाजार से विदेशी निवेशकों ने 3,688.94 करोड़ रुपये निकाले। इस तरह दो दिसंबर से 27 दिसंबर के बीच एफपीआई द्वारा शुद्ध रूप से 2,613.02 करोड़ रुपये का निवेश किया गया।
इसलिए किया निवेश
कंपनियों के वित्तीय परिणाम बेहतर रहने की वजह से विदेशी निवेशक शुद्ध लिवाल रहे। इसके अतिरिक्त अमेरिकी फेडरल रिजर्व के मौद्रिक नीति को नरम रखने और वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों द्वारा पूंजी डाले जाने की उम्मीद में भी विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने घरेलू बाजार में 2,613 करोड़ रुपये निवेश किए।
इस संदर्भ में मॉर्निंगस्टार के वरिष्ठ शोधकर्ता हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि, 'आर्थिक मोर्चे पर चुनौतियों और नीतिगत बाधाओं के बाद भी एफपीआई ने भारतीय शेयर बाजारों में भरोसा जताया है।'
क्या है एफपीआई ?
बता दें कि जब एक अंतरराष्ट्रीय निवेशक, किसी अन्य देश के उद्यम की निष्क्रिय होल्डिंग में निवेश करता है, यानी वित्तीय परिसंपत्ति में निवेश करता है, तो इसे एफपीआई के रूप में जाना जाता है।
2018 में की थी निकासी
पिछले साल की बात करें, तो साल 2018 में एफपीआई ने घरेलू पूंजी बाजार से 80,919 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की थी। 2018 में एफपीआई ने 47,795 करोड़ रुपये के ऋणपत्रों की शुद्ध बिकवाली की थी और हाइब्रिड प्रतिभूतियों में 109 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी।