फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Bazar ›   FPI Net inflow crosses Rs 1 lakh crore in 2019

विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजारों में 2019 में किया 1.3 लाख करोड़ रुपये का निवेश

Sun, 22 Dec 2019 02:57 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Sun, 22 Dec 2019 02:57 PM IST
विज्ञापन
FPI Net inflow crosses Rs 1 lakh crore in 2019

नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरीज लिमिटेड के आंकड़ों के अनुसार, 2019 में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) ने भारतीय पूंजी बाजारों में 1,33,074 करोड़ रुपये का निवेश किया। मौद्रिक नीति नें नरमी और अर्थव्यवस्था को सहारा देने के सरकारी उपायों के चलते एफपीआई ने निवेश किया है। 

विज्ञापन

2018 में की थी निकासी 

1,33,074 करोड़ रुपये के निवेश में से 97,250 करोड़ रुपये का निवेश शेयरों में किया गया। पिछले साल की बात करें, तो साल 2018 में एफपीआई ने घरेलू पूंजी बाजार से 80,919 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की थी। 

विज्ञापन


एफपीआई ने 2019 में 26,828 करोड़ रुपये के ऋणपत्रों की शुद्ध खरीदारी की। वहीं 2018 में एफपीआई ने 47,795 करोड़ रुपये के ऋणपत्रों की शुद्ध बिकवाली की थी। 2019 में हाइब्रिड प्रतिभूतियों में एफपीआई ने 8,999 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। लेकिन 2018 में एफपीआई ने 109 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी। बता दें कि 2017 में बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने हाइब्रिड प्रतिभूति नाम से नई श्रेणी की शुरुआत की थी। इसमें रियल एस्टेट निवेश न्यास और बुनियादी संरचना निवेश न्यास में एफपीआई के निवेश को वर्गीकृत किया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

2020 में भी जारी रहेगा सकारात्मक रुख 

विशेषज्ञों ने कहा है कि, यह सकारात्मक रुख 2020 में भी जारी रहेगा। अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध और घरेलू ऋण बाजार की स्थिति खराब होने से इसके नीचे जाने का जोखिम रहेगा। 


विश्लेषकों के मुताबिक, 2019 की शुरुआत में हुए लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के स्पष्ट बहुमत से एफपीआई का उत्साह बढ़ा था। लेकिन बजट में दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ पर कर लगाने की घोषणा के बाद एफपीआई ने घरेलू बाजार से पैसे निकालने शुरू कर दिए। इसके बाद कॉर्पोरेट टैक्स की दरों में कटौती की वजह से एफपीआई का भरोसा पुन: घरेलू बाजार में लौटा। 

क्या है एफपीआई ?

बता दें कि जब एक अंतरराष्ट्रीय निवेशक, किसी अन्य देश के उद्यम की निष्क्रिय होल्डिंग में निवेश करता है, यानी वित्तीय परिसंपत्ति में निवेश करता है, तो इसे एफपीआई के रूप में जाना जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed