{"_id":"5fa9208c8ebc3e9ba007d5c6","slug":"diwali-2020-know-about-muhurat-trading-and-its-importance-for-investors","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिवाली पर शेयर बाजार में एक घंटे तक बरसेगा पैसा, जानिए क्या है मुहूर्त ट्रेडिंग और इसका महत्व","category":{"title":"Bazar","title_hn":"बाज़ार","slug":"bazaar"}}
दिवाली पर शेयर बाजार में एक घंटे तक बरसेगा पैसा, जानिए क्या है मुहूर्त ट्रेडिंग और इसका महत्व
Mon, 09 Nov 2020 04:27 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Mon, 09 Nov 2020 04:27 PM IST
विज्ञापन
शेयर बाजार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुहूर्त ट्रेडिंग एक विशेष प्रतीकात्मक ट्रेडिंग सेशन है, जो स्टॉक एक्सचेंजों में दिवाली पर आयोजित होता है। बीएसई और एनएसई दोनों 'शुभ मुहूर्त' या शुभ समय के अनुसार एक घंटे का ट्रेडिंग सेशन चलाते हैं। माना जाता है कि इस सेशन में ट्रेडिंग पूरे साल निवेशकों के लिए समृद्धि लाती है। मुहूर्त ट्रेडिंग में ज्यादातर ऑर्डर खरीदने के होते हैं, जो बाजार में जोड़ने पर जोर देते हैं और आमतौर पर पॉजिटिव नोट के साथ बाजार बंद होता है।
विज्ञापन
भारतीय निवेशकों के लिए क्यों खास है दिवाली?
भारत में दिवाली 'अंधकार पर प्रकाश', 'बुराई पर अच्छाई' और 'अज्ञानता पर ज्ञान' की जीत का प्रतीक है। लोग अपने घरों की सफाई करते हैं, नए कपड़े पहनते हैं, उपहारों और मिठाइयों का आदान-प्रदान करते हैं और सोना खरीदते हैं। इसके आध्यात्मिक महत्व के अलावा यह पारंपरिक हिंदू अकाउंटिंग वर्ष की शुरुआत भी दर्शाता है जिसे 'संवत' कहते हैं। धन और समृद्धि की देवी लक्ष्मी और शुरुआत के देवता गणेश की पूजा दिवाली पर की जाती है।
विज्ञापन
भारतीयों विशेष रूप से गुजरातियों और मारवाड़ियों में लेखा पुस्तकों और तिजोरी के सम्मान में पूजा करते हैं। कारोबार और दुकानें अपने पुराने अकाउंट बुक्स को बंद करते हैं और नए साल की शुरुआत पॉजिटिव नोट से नई अकाउंटिंग बुक्स से करते हैं। परंपरागत ट्रेडिंग सेशन से पहले निवेशक और स्टॉकब्रोकर लक्ष्मी और गणेश से आशीर्वाद लेने के लिए 'चोपडा पूजन' करते हैं। यह आपको मुहूर्त ट्रेडिंग में निवेश करने का एक अच्छा कारण देता है।
विज्ञापन
मुहूर्त ट्रेडिंग का समय
भले ही दिवाली के दिन शेयर बाजार बंद होते हैं, लेकिन मुहूर्त ट्रेडिंग सेशन लगभग एक घंटे तक चलता है। दिन के सबसे शुभ घंटे के आधार पर हर साल मुहूर्त ट्रेडिंग का समय बदल जाता है। कारोबारी समुदाय आधी सदी से परंपरा का पालन कर रहा है। 1957 के बाद से बीएसई और 1992 के बाद से एनएसई इस विशेष ट्रेडिंग सेशन का आयोजन कर रहे हैं। इस साल स्टॉक एक्सचेंज शनिवार 14 नवंबर को शाम 6:15 से 7:15 बजे तक आयोजित करेंगे।
मुहूर्त ट्रेडिंग का महत्व
मुहूर्त ट्रेडिंग सेशन में निवेशक और ब्रोकर्स मूल्य-आधारित स्टॉक खरीदते हैं, जो लंबी अवधि के लिए अच्छे होते हैं। ऐसा माना जाता है कि विशेष मुहूर्त में ग्रहों की स्थिति इस तरह होती है कि किया गया निवेश निवेशकों के लिए सौभाग्य लाता है। बहुत सारे निवेशक मानते हैं कि इस अवसर पर खरीदे गए शेयरों को भाग्यशाली आकर्षण के रूप में रखा जाना चाहिए। वे शेयर खरीदते हैं और यहां तक कि उन्हें अगली पीढ़ी तक ले जाते हैं। कुछ भी नया शुरू करने के लिए दिवाली को आदर्श दिन माना जाता है। कई लोग इस विशेष ट्रेडिंग सत्र के दौरान शेयर बाजार में अपना पहला निवेश करते हैं।
एंजेल ब्रोकिंग लिमिटेड के सीएमओ श्री प्रभाकर तिवारी के अनुसार, इन डेवलपमेंट्स के कारण यह देखा गया है कि बाजार आमतौर पर मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र में ऊपर की ओर बढ़ते हैं। सभी सेग्मेंट्स में खरीदने के ऑर्डर ज्यादा होने से निवेशक की भावना सकारात्मक रहती है। इस दिन स्टॉक की कीमतें स्थिर रहती हैं क्योंकि अधिकांश निवेशक बिक्री के बजाय खरीदना पसंद करते हैं। निवेशक आमतौर पर मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान वैल्यू इन्वेस्टमेंट में शामिल होते हैं।
इस वजह से स्टॉक मार्केट में निवेश करने, बड़ी खरीदारी, टोकन निवेश या पहली बार खरीदारी करने के लिए यह सही दिन है। हालांकि, यह महत्वपूर्ण है कि भावनाओं में बहकर ओवरवैल्यूड शेयरों की खरीद न की जाए। सांस्कृतिक और धार्मिक भावना एक निवेशक की निर्णय लेने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण स्थान रखती है, शेयर बाजार में सफलता के लिए पहले से मजबूत वित्तीय विश्लेषण करना आवश्यक है।