व्यापार मेला: ग्राहकों को 500-1000 के नोट बंद होने से नहीं होगी दिक्कत
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दिल्ली में आयोजित होने वाले भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले के तैयारियां पूरी हो चुकीं हैं। लेकिन मेले में आने वाले दर्शक इस बार व्यापार मेले में पाकिस्तानी सामानों को नहीं खरीद सकेंगे। दरअसल भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर जारी हालात के कारण इस साल पाकिस्तान के व्यापारी दिल्ली में शुरू हो रहे भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में भाग लेने नहीं आ रहे हैं।
गौरतलब है कि पिछले कई सालों से पाकिस्तान का एक अलग पैवेलियन लगता रहा है। गौरतलब है कि 36वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का उद्घाटन सोमवार को दिल्ली के प्रगति मैदान में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 14 नवंबर को हंसध्वनि थियेटर में करेंगे।
वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री निर्मला सीतारमन कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगी। मेले की आयोजक भारत व्यापार संवर्धन संगठन के अध्यक्ष एवं प्रबंधन निदेशक एलसी गोयल ने मेले की जानकारी एक प्रेस कांफ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि पहले की ही तरह मेले के पहले पांच दिन 14 से 18 नवंबर ‘बिजनेस टू बिजनेस’प्रतिनिधियों और उद्यमियों के लिए होते हैं। इस दौरान कारोबारी उत्पादों को देखते और समझते हैं। नवीन प्रौद्योगिकी के साथ उत्पादों का प्रदर्शन किया जाता है। इसमें नकद लेनदेन नहीं होता है, बल्कि कारोबार विस्तार की संभावनाएं तलाशी जाती है।
'500 और 1000 रुपए के नोट बंद होने के बाद भी नहीं होगी ग्राहकों परेशानी'
500 और 1000 रुपए के नोट बंद होने के बाद खरीददारों को आने वाली दिक्कतों पर उन्होंने कहा कि 19 नवंबर से जब मेला खुलेगा तब भी खरीदारों को कोई परेशानी नहीं होगी। गोयल ने कहा कि मेले में इस बार 60 फीसद खरीद फरोख्त कार्ड के जरिए करने की व्यवस्था होगी। गोयल ने कहा कि वे मेला प्रदर्शकों के साथ बैठक करेंगे। उन्हें कार्ड स्वैपिंग मशीन की सुविधा उपलब्ध कराएंगे।
गोयल ने कहा कि सरकार की 500 और 1,000 रुपए के नोट बंद करने का मतलब यह नहीं है कि अर्थव्यवस्था में नकदी की तंगी होने जा रही है।डेबिट, क्रेडिट कार्ड और चेक के जरिए भुगतान पर कोई रोक नहीं है। व्यापार मेले में इस बार विदेश के लगभग 7,000 प्रदर्शक भाग लेंगे। इनमें केंद्र सरकार के मंत्रालयों के साथ 27 राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों के मंडपों में भी प्रदर्शक अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। वहीं ग्रामीण विकास मंत्रालय के कपार्ट मंडप में करीब 800 ग्रामीण कारीगर, शिल्पकार भाग लेंगे। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त निगम के माध्यम से 100 शिल्पकार भाग लेंगे।
IITF की मुख्य विषय वस्तु ‘डिजिटल इंडिया’रखी गई है। इसके अलावा मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान, स्वच्छ गंगा मिशन, जनधन योजना, कौशल भारत सहित केंद्र के विभिन्न कार्यक्रमों को भी मंडपों में प्रमुखता से दिखाया जायेगा। उल्लेखनीय है कि 36वें IITF का ‘दक्षिण कोरिया’ भागीदार देश है जबकि ‘बेलारूस’ फोकस राज्य होगा। इसी प्रकार मध्य प्रदेश और झारखंड भागीदार राज्य हैं जबकि हरियाणा फोकस राज्य के रूप में भागीदारी करेगा।