Iphone 11 की लॉन्चिंग के बाद एक लाख करोड़ डॉलर के पार हुई एपल की बाजार हैसियत
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10 सितंबर को Apple ने तीन नए आईफोन लॉन्च किए थे, जिसके बाद बुधवार को एपल के शेयर में तीन फीसदी की बढ़त देखी गई और कंपनी का बाजार पूंजीकरण ( बाजार हैसियत ) 3,100 करोड़ डॉलर बढ़कर 1.01 लाख करोड़ डॉलर यानी 72 लाख करोड़ रुपये हो गया। इससे पहले साल 2018 अगस्त में पहली बार कंपनी का बाजार पूंजीकरण एक लाख करोड़ डॉलर यानी एक ट्रिलियन डॉलर पर पहुंचा था। अब 10 महीने बाद एपल फिर से ट्रिलियन डॉलर कंपनी बन गई है।
माइक्रोसॉफ्ट से अब भी पीछे है एपल
बाजार पूंजीकरण में बढ़त के बाद भी एपल माइक्रोसॉफ्ट से पीछे है। माइक्रोसॉफ्ट एपल कंपनी से 3,000 करोड़ डॉलर आगे है। माइक्रोसॉफ्ट का बाजार पूंजीकरण 1.04 लाख करोड़ डॉलर है और यह दुनिया की सबसे ज्यादा वैल्यूएशन वाली कंपनी है।
क्या है मार्केट कैप?
बता दें कि किसी कंपनी का मार्केट कैप उसके शेयर की कीमत और शेयर संख्या को गुणा करके निकाला जाता है। इसकी वजह से कंपनी के मार्केट कैप में भी कमी और बढ़ोतरी होती रहती है।
इसलिए बढ़ा एपल का मार्केट कैप
10 सितंबर को एपल ने iPhone 11, iPhone 11 Pro और iPhone 11 Pro Max लॉन्च किए थे। लॉन्चिंग के दौरान एपल के सीईओ टिम कुक ने बताया था कि iPhone XR साल 2018 का बेस्ट सेलिंग स्मार्टफोन है। कंपनी को बिक्री में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
ये हैं विश्व की तीन सबसे बड़ी कंपनियां
मार्केट कैप के मामले में माइक्रोसॉफ्ट दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है। उसका मार्केट कैप 74 लाख करोड़ रुपये है। 72 लाख करोड़ के मार्केट कैप के साथ दूसरे स्थान पर एपल है। अमेजन इस सूची में तीसरे स्थान पर है। अमेजन का मार्केट कैप 64 लाख करोड़ रुपये है।
एक लाख करोड़ डॉलर के मार्केट कैप तक साल 2007 में पहली बार पेट्रो चाइना पहुंची थी। साल 2018 में एपल और अमेजन और साल 2019 में माइक्रोसॉफ्ट का मार्केट कैप एक लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचा था।