फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Banks will make 10 major changes to identify NPAs

एनपीए की पहचान के लिए बैंक करेंगे 10 बड़े बदलाव, इन्हें आपको जानना है जरूरी

Tue, 15 Sep 2020 03:54 AM IST
Jeet Kumar बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Tue, 15 Sep 2020 03:54 AM IST
विज्ञापन
Banks will make 10 major changes to identify NPAs
एनपीए

बैंकों पर एनपीए और खराब खर्च का बोझ घटाने के लिए आरबीआई ने कई बदलाव करने का निर्देश दिया है। रिजर्व बैंक ने सोमवार को नोटिफिकेशन जारी कर 30 जून, 2021 तक प्रोविजन या जोखिम वाले कर्ज की पहचान के लिए डिजिटल तंत्र बनाने को कहा है। निर्देश के तहत कर्ज और लेनदेन के आंकड़ों सहित कई क्षेत्रों में कामकाज सुधारना होगा। आइए जानते हैं क्या हैं ये 10 बड़े बदलाव, जिन्हें आपको जानना बेहद जरूरी हैं...

विज्ञापन

पहला बदलाव

  • जोखिम वाली संपत्तियों (एनपीए) की पहचान और वर्गीकरण के लिए सभी तरह के कर्जदारों के खाते आईटी-सिस्टम से जुड़े होने चाहिए। इसमें अस्थायी ओवरड्राफ्ट सुविधा लेने वाले खाताधारक और क्षेत्र व उनकी कर्ज लिमिट भी शामिल हो।
विज्ञापन
विज्ञापन

दूसरा बदलाव

  • सिस्टम में संपत्ति वर्गीकरण के नियमों को लागू किया जाए, ताकि नियामकीय निर्देशों का पालन किया जा सके।
विज्ञापन

तीसरा बदलाव

  • एनपीए की गणना के लिए भी विभिन्न संपत्तियों का आकलन सिस्टम आधारित डाटा पर किया जाएगा। समय-समय पर जारी किए गए नियमों को भी ऑटोमेटिक रूट से लागू करना होगा।

चौथा बदलाव

  • एनपीए की भरपाई के लिए आय के खाते से रकम चाहिए, तो बिना मानवीय हस्तक्षेप के सिस्टम आधारित प्रणाली द्वारा ट्रांसफर किया जाएगा।

पांचवां बदलाव

  • बैंकों का ऑटोमेटिक तकनीकी सिस्टम बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के खाते में आई गिरावट और तेजी दोनों का मूल्यांकन करेगा। इससे किसी खाते की मजबूती और कमजोरी का पता चलेगा, जो एनपीए की जल्द पहचान में मददगार होगा।

छठवां बदलाव

  • बैंकों को संपत्ति वर्गीकरण के आंकड़े प्रतिदिन अपडेट करने होंगे और किसी भी समय मांगे गए एनपीए से जुड़े बिंदुवार आंकड़े को वास्तविक तिथि के साथ पेश करना होगा।

सातवां बदलाव

  • विशेष परिस्थितियों में किसी खाते को दी गई न्यूनतम और अस्थायी रियायत भी सिस्टम के जरिये ही लागू करनी होगी।

आठवां बदलाव

  • अगर किसी असाधारण परिस्थिति में सिस्टम वर्गीकरण को ओवरराइड करने के लिए मानवीय हस्तक्षेप जरूरी होता है, तो इसे लागू करने के लिए कम से कम दो स्तरों पर जांच-प्रक्रिया बनानी होगी।

नौवां बदलाव

  • किसी भी आपात परिस्थिति के लिए बैंक इन सूचनाओं का कम से कम तीन साल के लिए अकाउंट बनाकर रखेंगे और इस दौरान किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।

दसवां बदलाव

  • बैंक प्रोविजनिंग और एनपीए से जुड़े सभी आंकड़े सेंट्रल बैंकिंग सिस्टम के साथ साझा करेंगे और जरूरत पर वहां से आंकड़े जुटा भी सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed