फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Banking Beema ›   Vijaya and Dena Bank will merge with Bank of Baroda from April 1

विजय बैंक, देना बैंक का एक अप्रैल से बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय, बनेगा देश का तीसरा बड़ा बैंक

Sun, 31 Mar 2019 05:36 PM IST
तिवारी अभिषेक भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली Published by: तिवारी अभिषेक Updated Sun, 31 Mar 2019 05:36 PM IST
विज्ञापन
Vijaya and Dena Bank will merge with Bank of Baroda from April 1
बैंक ऑफ बड़ौदा (फाइल फोटो)

 दो सरकारी बैंकों विजया बैंक और देना बैंक का एक अप्रैल से बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय हो जाएगा। इन दोनों बैंकों के विलय के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक बन जाएगा। विलय के बाद विजया बैंक और देना बैंक की सभी शाखाएं सोमवार से बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखाओं के तौर पर काम करने लगेंगी।

विज्ञापन


रिजर्व बैंक ने शनिवार को एक बयान में कहा,


विजया बैंक और देना बैंक के उपभोक्ताओं को एक अप्रैल से बैंक ऑफ बड़ौदा का उपभोक्ता माना जाएगा।


 केंद्र सरकार ने अतिरिक्त खर्च की भरपाई के लिये बैंक ऑफ बड़ौदा को 5,042 करोड़ रुपये देने का पिछले सप्ताह निर्णय लिया था। विलय की योजना के तहत विजया बैंक के शेयर धारकों को प्रत्येक एक हजार शेयरों के बदले बैंक ऑफ बड़ौदा के 402 शेयर मिलेंगे। देना बैंक के शेयरधारकों को उनके प्रत्येक एक हजार शेयर के बदले बैंक ऑफ बड़ौदा के 110 शेयर मिलेंगे।

विज्ञापन


विलय के बाद संयुक्त निकाय का कारोबार 14.82 लाख करोड़ रुपये का होगा। यह भारतीय स्टेट बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक बन जाएगा। इस विलय के बाद देश में सरकारी बैंकों की संख्या कम होकर 18 रह जायेगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


देश के बैंकिंग क्षेत्र में 31 मार्च 2019 को समाप्त हो रहे इस वित्त वर्ष के दौरान कई अहम पहल की गईं। विजया बैंक और देना बैंक का बैंक आफ बड़ौदा में विलय करने के साथ ही सरकारी क्षेत्र के आईडीबीआई बैंक में सरकार की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी को भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को हस्तांतरित कर दिया गया। 


वित्त सेवाओं के विभाग ने वर्ष के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में रिकार्ड 1.06 लाख करोड़ रुपये की पूंजी भी डाली। इसके परिणामस्वरूप सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक आफ इंडिया, कारपोरेशन बैंक, इलाहाबाद बैंक सहित पांच बैंक रिजर्व बैंक की त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई निगरानी से बाहर निकल आये।  इस दौरान बैंकों की गैर- निष्पादित राशि (एनपीए) राशि में 2018- 19 की अप्रैल- सितंबर तिमाही में 23,860 करोड़ रुपये की कमी आई। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Budget 2022 से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed