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इन कारणों से ATM-बैंक में नहीं मिल रहा कैश, कई राज्यों में बने नोटबंदी जैसे हालात

Tue, 17 Apr 2018 01:04 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 17 Apr 2018 01:04 PM IST
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this is the reason why atm banks are drying up in many states of india
ATM

देश के कई राज्यों में फिर से नोटबंदी जैसे हालात बन गए हैं। एटीएम तो छोड़िए, बैंकों शाखाओं से भी लोग पर्याप्त नकद नहीं निकाल पा रहे हैं। इसके पीछे एक बड़ा कारण है नकदी का प्रवाह रुकना। हालांकि रिजर्व बैंक और केंद्र सरकार देश में पर्याप्त नकदी होने की बात कह रही है।

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बैंकों में जमा नहीं हो रहा है पैसा
नकदी संकट का सबसे बड़ा कारण यह है कि लोग बैंक से नकदी निकालकर उसे घर में रख रहे हैं। यानि बैंक से निकाला गया कैश वापस बैंक तक नहीं पहुंच रहा है। एफडीआरआई बिल और नंजाब नेशनल बैंक समेत अन्य बैंकों में हुए महाघोटाले के बाद से लोग भी काफी डर गए हैं और लगातार अपने खातों का पैसा निकाल रहे हैं। ऐसे में बैंकों के सामने नकदी का संकट खड़ा हो गया है।
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इससे पहले फरवरी और मार्च महीने में भी खातों से जमकर पैसा निकाला गया था। खाताधारकों को डर था कि कुछ बैंक दिवालिया हो सकते हैं जिससे ग्राहकों का पैसा डूब सकता है।
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पीएसयू बैंकों में हालत ज्यादा खराब
देश के सरकारी बैंकों की हालात इस मामले में सबसे ज्यादा खराब है। दरअसल घोटालों के बाद से लोगों का भरोसा इन बैंकों से डगमगा गया है। यही कारण है कि आम ग्राहकों ने अपने खातों से पैसा निकालना शुरू कर दिया था। हालत यह हो गई कि छोटे-बड़े शहरों के बैंक और एटीएम में पैसा है ही नहीं।

प्राइवेट बैंक में फिलहाल नकदी मौजूद

this is the reason why atm banks are drying up in many states of india
pnb atm - फोटो : amar ujala
एक अग्रणी निजी बैंक के अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि नोटों की आपूर्ति कम है, तब भी उनके यहां नोटों की किल्लत नहीं है। इसकी वजह यह है कि इन बैंकों में ज्यादातर कारोबारियों के खाते हैं और वे दिनभर की बिक्री जमा करते हैं तो बैंक के पास पर्याप्त नकदी एकत्रित हो जाती है। अधिकारी का कहना है कि वह कारोबारियों की सहूलियत के लिए उनके प्रतिष्ठान तक जाकर वहां से नकद एकत्रित कर लेते हैं। जबकि सरकारी बैंकों में ऐसी सुविधा नहीं है।

ब्रांच एटीएम में भी पैसे नहीं
स्थिति ऐसी हो गई है कि बैंक शाखा में लगे एटीएम से भी पैसा नहीं निकल रहा है। हालांकि, ये एटीएम ऑनलाइन हैं और इनमें पैसा है या नहीं, इसे क्षेत्रीय मुख्यालय में बैठ कर भी जाना जा सकता है। लेकिन शाखा प्रबंधक इसका भी जुगाड़ निकाले हुए हैं। वे एटीएम में नोट तो भरते हैं लेकिन एटीएम का शटर गिरा देते हैं। हर दिन अंदर के दरवाजे से कुछ ग्राहकों को एटीएम से पैसे निकालने दिया जाता है, ताकि उच्च प्रबंधन को एटीएम चालू रहने का संकेत मिलता रहे।

इन राज्यों में हालत सबसे ज्यादा खराब
उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों में हालात सबसे ज्यादा खराब हो गए हैं। बागपत जिले में स्टेट बैंक की एक करेंसी चेस्ट शाखा के अधिकारी का कहना है कि उनके यहां रोज नकदी निकासी को लेकर ग्राहकों और प्रबंधन के बीच जोर-आजमाइश होती है।

ग्राहक ज्यादा पैसा निकालना चाहते हैं, जबकि बैंक प्रबंधन सभी ग्राहकों की दुहाई देकर थोड़ा बहुत रकम देकर काम चला रहे हैं। उनका कहना है कि रिजर्व बैंक की तरफ से पर्याप्त नकदी नहीं मिलने की वजह से ऐसी स्थिति बनी है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के क्षेत्र गोरखपुर में भी यही हालत है। वहां स्टेट बैंक की एक ग्रामीण शाखा में तैनात एक अधिकारी ने बताया कि उनके यहां बीते 13 मार्च को नोटों की आपूर्ति हुई थी, उसके बाद नौ अप्रैल को नोट आए हैं। 26 दिन के बाद नोट आते हैं वह भी पांच-छह लाख। ऐसे में कैसे काम चलेगा क्योंकि गांवों में तो अधिकतर ग्राहक नोट निकालने ही आते हैं, जमा करने कम ही आते हैं।

यहां पर भी हालात बदतर
बिहार के मुंगेर, भागलपुर और झारखंड के गोड्डा, छत्तीसगढ़ के रायगढ़ समेत कई जिलों में भी नकदी की कमी की वजह से अधिकतर एटीएम खाली होने की खबरें आ रही हैं। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के लोग भी सामने आ रहे हैं जिन्होंने बताया कि हमलोग कई दिनों से एटीएम में कैश की तंगी से जूझ रहे हैं।

एटीएम से कैश नहीं निकल रहा है। बातचीत में मध्यप्रदेश के लोगों ने बताया कि पिछले 15 दिनों से मध्यप्रदेश के कई शहरों में हालात ऐसे बने हुए हैं। हमलोग कई एटीएम घूम चुके हैं लेकिन अधिकतर एटीएम में कैश नहीं है।
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