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सात बैंकों को 28 हजार करोड़ की मदद देगी सरकार, बीओआई और ओबीसी को मिलेंगे सबसे ज्यादा पैसे
Thu, 27 Dec 2018 05:45 PM IST
paliwal पालीवाल
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: paliwal पालीवाल
Updated Thu, 27 Dec 2018 05:45 PM IST
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भारी एनपीए और घाटे से जूझ रहे सार्वजनिक क्षेत्र के सात बैंकों को सरकार 28,615 करोड़ रुपये की मदद देगी। यह राशि इस माह के अंत तक पुनर्पूंजीकरण बांड के जरिये इन बैंकों में डाल दी जाएगी। मामले से जुड़े सूत्रों ने बृहस्पतिवार को बताया कि इस राशि से बैंकों को संकट से निकलने में मदद मिलेगी और इसका वितरण 31 दिसंबर से पहले कर दिया जाएगा।
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ऐसे मिलेगा पैसा
इन सात सरकारी बैंकों में से सबसे ज्यादा राशि (10,086 करोड़) बैंक ऑफ इंडिया और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (5,500 करोड़) को मिलेगी। इसके अलावा बैंक ऑफ महाराष्ट्र (4,498 करोड़), यूको बैंक (3,056 करोड़) और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (2,159 करोड़) को भी इस राशि से मदद दी जाएगी।
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सरकार ने जारी किए 23 हजार करोड़ रुपये
इससे पहले सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 में सरकारी बैंकों को 65 हजार करोड़ रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की थी जिसमें से 23 हजार करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं और शेष 42 हजार करोड़ रुपये मिलने का इंतजार है।
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इस माह की शुरुआत में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि सरकार बैंकों को 41 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त मदद भी देगी। इस पुनर्पूंजीकरण व्यवस्था से बैंकों की कर्ज देने की क्षमता में विस्तार होगा और उन्हें रिजर्व बैंक की त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) की निगरानी से बाहर आने में मदद मिलेगी।
11 बैंकों पर निगरानी
गौरतलब है कि आरबीआई ने 21 में से 11 सरकारी बैंकों को पीसीए की निगरानी में रखा है जिसमें इलाहाबाद बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, आईडीबीआई बैंक, कॉरपोरेशन बैंक आदि शामिल हैं। इन बैंकों पर नया कर्ज देने और नई शाखाएं खोलने पर रोक लगा दी गई है।