देश के सबसे बड़े बैंक ने दिया तोहफा, एक अक्तूबर से सस्ते में मिलेगा लोन
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त्योहारों से पहले बैंक ग्राहकों को देश का सबसे बड़ा बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ( SBI ) ने बड़ा तोहफा दिया है। एसबीआई ने एक अक्तूबर से एमएसएमई, हाउसिंग और रिटेल लोन के सभी फ्लोटिंग रेट लोन के लिए एक्सटर्नल बेंचमार्क के रूप में रेपो रेट ( Repo Rate ) को अपनाने का फैसला किया है। एसबीआई के इस फैसले से सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रमों ( MSME ) को काफी फायदा होगा।
State Bank of India to adopt Repo Rate as the external benchmark for all floating rate loans for MSME, housing and retail loans effective October 1. pic.twitter.com/F63k9Lt6lx
— ANI (@ANI) September 23, 2019विज्ञापन
आरबीआई ने दिया था आदेश
इससे पहले भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एलान किया था कि बैंकों द्वारा एक अक्तूबर से सभी नए परिवर्तनीय (फ्लोटिंग) दर वाले पर्सनल, खुदरा व एमएसएमई कर्ज बाह्य बेंचमार्क से जोड़ दिए जाएंगे। हालांकि, बैंक अपना बेंचमार्क तय करने को स्वतंत्र होंगे। रिजर्व बैंक ने बैंकों को रेपो दर, तिमाही या छमाही राजकोषीय बिल या फाइनेंशियल बेंचमार्क इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा जारी किए गए किसी भी बाजार ब्याज दर मानक में से एक को चुनने का विकल्प दिया था।
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एसबीआई ने जारी की प्रेस विज्ञप्ति
एसबीआई ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि, 'सभी परिवर्तनीय ब्याज दर वाले ऋणों के लिए हमने ब्याज दर का बाहरी मानक रेपो दर को अपनाने का निर्णय किया है। लघु एवं उद्योग ऋण, आवास ऋण और अन्य खुदरा ऋणों पर यह ब्याज दरें एक अक्तूबर 2019 से प्रभावी होंगी।'