एसबीआई बंद करने जा रहा है अपनी यह विदेशी शाखाएं, 1635 एटीएम पर भी सरकारी बैंकों ने लगाया ताला
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) जल्द ही अपनी विदेश में स्थित कुछ शाखाओं को बंद करने जा रहा है, जिसके कारण ग्राहकों को परेशानी हो सकती है। इससे पहले भी बैंक अपनी कुछ शाखाओं को पिछले दो सालों में बंद कर चुका है। इसके अलावा देश भर में तमाम सरकारी व निजी बैंक एटीएम की संख्या में कमी कर रहे हैं। इससे लोगों को नकद निकासी में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कॉस्ट कटिंग के चलते लिया निर्णय
अब फिर से बैंक ने निर्णय लिया है कि कॉस्ट कटिंग के लिए ऐसी शाखाओं को बंद कर दे, जिनसे किसी तरह का आर्थिक लाभ नहीं हो रहा है। एसबीआई के प्रबंध निदेशक प्रवीण कुमार गुप्ता ने कहा कि बैंक ने निर्णय लिया है कि विदेश में स्थित नौ शाखाओं को बंद कर दिया जाए, क्योंकि इनसे किसी तरह का कोई आर्थिक लाभ नहीं हो रहा है। पहले भी सरकार अपनी तरफ से सभी बैंकों को घाटे में चल रही शाखाओं को विलय करके या फिर पूरी तरह से बंद करने के लिए कह चुकी है।
एसबीआई ने कमाए 40 करोड़ रुपये
देश भर के ग्राहकों की एक छोटी सी गलती के चलते स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने पिछले 40 माह में चालीस करोड़ रुपये के करीब की कमाई कर ली है। आरटीआई में बैंक ने इस बात की तस्दीक की है। इससे पहले वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल अप्रैल से नवंबर के बीच मिनिमम बैलेंस न रखने पर 1771 करोड़ रुपये कमा लिए थे।
चेक पर हुई ग्राहकों से यह छोटी सी गलती
एसबीआई ने कहा कि चेक पर ग्राहकों के हस्ताक्षर मैच नहीं होने के कारण लौटा दिए थे। बैंक ने पिछले 40 महीने में 24 लाख 71 हजार 544 लाख चेक हस्ताक्षर मेल नहीं होने के कारण लौटाए हैं। इस वजह से ग्राहकों को काफी चूना लगा, लेकिन बैंक की कमाई में काफी इजाफा हो गया है।
एसबीआई काट रहा है 17 रुपये
देश का सबसे बड़ा बैंक एसबीआई अपने ग्राहकों के एटीएम कार्ड से 17 रुपये काट रहा है। इसके अलावा पैसा काटने पर 18 फीसदी जीएसटी भी लगाया जा रहा है। बैंक का तर्क है कि खाते में पैसा नहीं होने के बावजूद ग्राहक क्यों कार्ड का प्रयोग एटीएम या फिर पीओएस मशीन पर कर रहे हैं। वहीं देश के दो बड़े प्राइवेट बैंक एचडीएफसी और आईसीआईसीआई 25 रुपये काट रहे हैं।
चेक बाउंस का दे रहे हैं तर्क
बैंक पैसा काटने के लिए चेक बाउंस होने का तर्क दे रहे हैं। बैंकों का मानना है कि चेक बाउंस और एटीएम पर खाते में कम बैलेंस होने पर ट्रांजेक्शन करने पर एक ही तरह का नियम मान्य होता है। जबकि चेक बाउंस के केस में थर्ड पार्टी भी शामिल होती है, जिसे किसी व्यक्ति से पैसा लेना होता है। वहीं एटीएम या पीओएस मशीन पर किसी तरह का थर्ड पार्टी ट्रांजेक्शन नहीं होता है।
एटीएम की संख्या में की कमी
आईडीबीआई बैंक, यूको बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, देना बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, कॉर्पोरेशन बैंक और इलाहाबाद बैंक आदि ने पिछले एक साल में अपने 1635 एटीएम को बंद कर दिया है।