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डिजिटल बैंकिंग में भरोसा बनाए रखने की जरूरत, RBI जल्द जारी करेगा सुरक्षा नियंत्रण निर्देश
Fri, 04 Dec 2020 04:00 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Fri, 04 Dec 2020 04:00 PM IST
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RBI
- फोटो : पीटीआई
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा कि केंद्रीय बैंक विनियमित संस्थाओं के लिए डिजिटल भुगतान सुरक्षा नियंत्रण निर्देश पेश करेगा। दास ने मौद्रिक नीति की द्वैमासिक समीक्षा बैठक के बाद जारी एक बयान में कहा कि इस कदम से डिजिटल भुगतान चैनलों की सुरक्षा में सुधार होगा और उपयोगकर्ताओं के लिए सुविधा भी बेहतर होगी।
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जल्द पेश किया जाएगा मसौदा दस्तावेज
दास ने कहा कि, 'इन दिशानिर्देशों में उत्कृष्ट कंपनी संचालन की आवश्यकताएं तथा इंटरनेट एवं मोबाइल बैंकिंग, कार्ड से भुगतान आदि जैसे माध्यमों के आम सुरक्षा नियंत्रणों पर कुछ न्यूनतम मानकों के क्रियान्वयन व निगरानी की व्यवस्थाएं होंगी।' उन्होंने कहा कि इस बारे में सार्वजनिक सुझाव के लिए जल्दी ही मसौदा दस्तावेज पेश किया जाएगा।
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डिजिटल बैंकिंग में भरोसा बनाए रखने की जरूरत
यह घोषणा ऐसे समय की गई है, जब महज एक दिन पहले रिजर्व बैंक ने निजी क्षेत्र के सबसे बड़े एचडीएफसी बैंक के ऊपर क्रेडिट कार्ड जारी करने व नई डिजिटल सेवाएं शुरू करने से फिलहाल रोक लगा दी है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि डिजिटल बैंकिंग में लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए एचडीएफसी बैंक के ऊपर कार्रवाई की गई। रिजर्व बैंक ने बैंकिंग प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण बैंक में पिछले दो साल के दौरान सेवाओं में व्यवधान की कई घटनाएं सामने आने के बाद यह कार्रवाई की है।
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एचडीएफसी बैंक पर कही ये बात
दास ने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की डिजिटल बैंकिंग सेवाओं में हाल ही में आए व्यवधान को लेकर भी नियामक अध्ययन कर रहा है। दास ने मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद कहा कि, 'एचडीएफसी बैंक के मामले में पहले भी इस तरह की दिक्कतें आई हैं। डिजिटल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग में एचडीएफसी बैंक की उपस्थिति अच्छी-खासी है। हमें कुछ कमियों को लेकर चिंताएं हैं। यह आवश्यक है कि एचडीएफसी बैंक अब और विस्तार करने से पहले अपनी सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) प्रणाली को मजबूत करे।'
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि, 'हम डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हजारों-लाखों उपभोक्ताओं को एक ही साथ घंटों के लिए समस्याओं से जूझने के लिए नहीं छोड़ सकते हैं, विशेषकर वह भी तब, जब हम डिजिटल बैंकिंग पर इतना जोर दे रहे हैं। डिजिटल बैंकिंग में लोगों के भरोसे को बरकरार रखा जाना चाहिए।' एचडीएफसी बैंक संपत्ति के आधार पर निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा बैंक है।
मुख्य अर्थशास्त्री अभीक बरुआ ने दिया बयान
एचडीएफसी बैंक ने मुख्य अर्थशास्त्री अभीक बरुआ ने कहा कि आरबीआई ने रेपो रेट को चार फीसदी पर अपरिवर्तित रखा है और अपने नीति रुख समायोजित रखा है। बाजार के कुछ वर्गों ने अनुमान लगाया था कि केंद्रीय बैंक को बढ़ती मुद्रास्फीति दबावों के मद्देनजर प्रणाली में बढ़ती अधिशेष तरलता पर कार्रवाई करेगा। हालांकि, इसका मतलब यह भी हो सकता है कि आरबीआई विकास को लेकर सतर्क है। आरबीआई मुद्रास्फीति को मुख्य रूप से मौद्रिक हस्तक्षेप के बजाय एक आपूर्ति की समस्या के रूप में देखता है। आरबीआई शायद तरलता में कुछ प्राकृतिक बदलाव की उम्मीद करता है क्योंकि सरकार आमतौर पर वित्तीय वर्ष की अंतिम तिमाही में संग्रह मोड में होती है। केंद्रीय बैंक ने विकास के पुनरुद्धार पर अपना जोर दिया और सुझाव दिया कि अभी भी मौद्रिक सहायता के लिए कुछ बचा है।