RBI ने की दो चरणों में 20,000 करोड़ रुपये के विशेष ओएमओ की घोषणा
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भारतीय रिजर्व बैंक ने मुक्त बाजार परिचालन (ओएमओ) के तहत सरकारी प्रतिभूतियों की साथ-साथ खरीद और बिक्री आयोजित करने की घोषणा की है। इसके तहत दो चरणों में कुल 20,000 करोड़ रुपये की प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री की जाएगी।
RBI will also conduct term repo operations for an aggregate amount of ₹100,000 crores at floating rates (i.e, at the prevailing repo rate) in the middle of September to assuage pressures on the market on account of advance tax outflows, as part of new measures https://t.co/Qle5W3amrJ
— ANI (@ANI) August 31, 2020विज्ञापन
केंद्रीय बैंक ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा कि 10 और 17 सितंबर को 10,000 करोड़ के दो ओपन मार्केट ऑपरेशन का आयोजन किया जाएगा।
आरबीआई ने फ्लोटिंग दरों के माध्यम से सितंबर के मध्य में एक लाख करोड़ रुपये के आसव की भी घोषणा की है। इसके अलावा, केंद्रीय बैंक ने उधारदाताओं को एक विकल्प भी दिया, जिसमें परिपक्वता से पहले अपने लेनदेन को एलटीआरओ के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।
क्या है ओएमओ?
ओपन मार्केट ऑपरेशन (ओएमओ) के तहत केंद्रीय बैंक सरकारी सेक्योरिटी और ट्रेजरी बिल की खरीद और बिक्री करते हैं। भारत में यह काम आरबीआई करता है। आरबीआई देश की अर्थव्यवस्था में पैसे की आपूर्ति को नियंत्रित करने के लिए ओपन मार्केट ऑपरेशन करता है।