क्या और कम हो जाएगी रेपो रेट? आज दोपहर 12 बजे RBI गवर्नर शक्तिकांत दास करेंगे एलान
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास आज दोपहर 12 बजे मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) बैठक में लिए गए फैसलों की घोषणा करेंगे। आरबीआई ने एक ट्वीट में कहा कि, 'RBI गवर्नर शक्तिकांत दास द्वारा छह अगस्त को दोपहर 12:00 बजे इसकी घोषणा की जाएगी।' यह एमपीसी की 24वीं बैठक है।
Watch out for Bi-monthly Monetary Policy address by RBI Governor @DasShaktikanta at 12:00 hrs on August 06, 2020 #rbitoday #rbigovernor
विज्ञापन
YouTube: https://t.co/ioXHI7kdUB
Twitter: @RBI
@RBIsayshttps://t.co/X2ON7F8SCw — ReserveBankOfIndia (@RBI) August 6, 2020
ऋण पुनर्गठन पर अधिक ध्यान देने की जरूरत
विशेषज्ञों ने कहा है कि केंद्रीय बैंक नीतिगत दर में कटौती से बच सकता है लेकिन कोरोना वायरस संकट से प्रभावित अर्थव्यवस्था के पुनरोद्धार की जरूरत के बीच कर्ज पुनर्गठन जैसे अन्य उपायों की घोषणा कर सकता है। हालांकि नीतिगत दर में कटौती को लेकर विशेषज्ञों की राय अलग-अलग है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय कोविड-19 के प्रभाव से निपटने के लिए कर्ज पुनर्गठन ज्यादा जरूरी है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले सप्ताह कहा था कि, 'हमारा ध्यान पुनर्गठन पर है। वित्त मंत्रालय आरबीआई के इस बारे में बातचीत कर रहा है।' इसके अलावा केंद्रीय बैंक कर्ज लौटाने को लेकर दी गई मोहलत के संदर्भ में दिशानिर्देश जारी कर सकता है। इसकी अवधि 31 अगस्त को समाप्त होने जा रही है। बैंक अधिकारी इसके दुरुपयोग की आशंका को लेकर इसकी मियाद बढ़ाए जाने का विरोध कर रहे हैं।
पहले इतनी कम की रेपो दर
कोविड-19 संकट के बीच तेजी से बदलते वृहत आर्थिक परिवेश और वृद्धि परिदृश्य के कमजोर होने के साथ एमपीसी की बैठक समय से पहले दो बार हो चुकी है। पहली बैठक मार्च में और उसके बाद मई 2020 में दूसरी बैठक हुई। एमपीसी ने दोनों बैठकों में रिजर्व बैंक की नीतिगत ब्याज दर में फीसदी कुल मिला कर 1.15 अंक की कटौती की। इससे आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए कुल मिलाकर नीतिगत दर में फरवरी, 2019 के बाद 2.50 अंक की कटौती हो चुकी है।
केंद्रीय बैंक महामारी और उसकी रोकथाम के लिए लगाए गए लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था को नुकसान कम करने के लिए सक्रियता से कदम उठाता रहा है। एसबीआई की एक शोध रिपोर्ट के अनुसार बैंकों ने नए कर्ज पर ब्याज दर में 0.72 अंक की कटौती की है। यह बताता है कि नीतिगत दर में कटौती का लाभ ग्राहकों को ब्याज दर में कटौती के जरिए तेजी से दिया गया। एसबीआई ने रेपो से संबद्ध खुदरा कर्ज पर ब्याज में 1.15 अंक की कटौती की है।
रघुराम राजन ने दी सलाह
आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि सरकार को सॉवरेन रेटिंग एजेंसी की सोच पर जरूरत से ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए। इससे वह आर्थिक जरूरतों के हिसाब से फैसला लेने में असफल रह सकती है। ग्लोबल मार्केट्स फोरम में उन्होंने कहा कि निवेशकों को विश्वास दिलाना जरूरी है कि कोरोना का संकट खत्म होते ही सरकार मीडियम टर्म में वित्तीय जवाबदेही के रास्ते पर वापस लौट आएगी। आर्थिक रिकवरी की उम्मीद सीमित हो गई है। सरकार ने गरीबों और छोटे मझोले उद्यमों को मदद करने के जो घोषणा की, उसका वास्तविक खर्च जीडीपी के करीब 1 फीसदी है। वहीं आरबीआई को राजन ने सलाह दी कि उसे यह सुनिश्चित करने की कोशिश करनी चाहिए कि कर्ज अर्थव्यवस्था के तनावग्रस्त हिस्से में पहुंचे और कर्ज उन्हीं कंपनियों तक पहुंचे, जो बाजार में टिक सकती हैं, न कि उन कंपनियों तक जो कारोबार में नहीं टिक सकती हैं।