बैंक-एटीएम से कैश निकालने की सीमा बढ़ा सकता है आरबीआई
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नोटबंदी के बाद कैश संकट से जूझ रहे बैंक ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है। कैश संकट को दूर करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया फैसला ले सकता है। नए नोटों की सप्लाई कम होने और मांग ज्यादा होने के चलते कैश का संकट पैदा हो गया था और सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए नकदी सीमा के लिए अपर लिमिट निर्धारित कर दी थी।
नोटबंदी के करीब सवा दो महीने बाद कैश निकालने के लिए एटीएम के बाहर की भीड़ में हल्का फर्क देखा जा रहा है। कैश निकालने की सीमा भी बढ़ाई जा चुकी है। सूत्रों का कहना है कि बजट से पहले आरबीआई कैश निकालने की सीमा संबंधी फैसले ले सकता है।
गौरतलब है कि नोटबंदी के ऐलान के बाद जहां एटीएम से पैसे निकालने की सीमा 4,500 रुपये कर दी गई थी वहीं बाद में मांग और आपूर्ति में बड़ा अंतर बरकरार रहने के चलते इसे 2,500 रुपए कर दिया गया था।
31 दिसंबर को सीमा बढ़ाकर की गई 4500 रुपये
मगर इस सीमा को 31 दिसंबर 2016 को रिवाइज किया गया और 1 जनवरी 2017 से लागू नियम के मुताबिक एक बार से यह सीमा बढ़ाकर 4500 रुपए प्रतिदिन कर दी गई।वहीं साप्ताहिक निकासी सीमा 24 हजार रुपए है।
अब कहा जा रहा है कि मौजूदा सीमा बदली परिस्थितियों में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा बढ़ाई जा सकती है। उललेखनीय है कि अभी बैंक 3 से लेकर 5 बार तक एटीएम के मुफ्त प्रयोग की इजाजत दे रहे हैं। इसके बाद प्रति ट्रांजैक्शन 20 रुपए का चार्ज लगता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैंकों के एटीएम से कुल ट्रांजैक्शन 3 बार तक सीमित किया जा सकता है। जानकार बता रहे हैं कि कैशलेस ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया जा सकता है।