RBI ने जारी किए PSL से जुड़े दिशा-निर्देश, इन मुद्दों पर दिया जोर
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग (PSL) से जुड़े संशोधित दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। आरबीआई ने कहा है कि सभी संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श करने के बाद और भारत की नई जरूरतों व समावेशी विकास के मद्देनजर पीएसएल से जुड़े दिशा-निर्देशों में समीक्षा के बाद संशोधन किया गया।
Bank finance to start-ups (up to ₹ 50 crores), loans to farmers for installation of solar power plants for solarisation of grid-connected agriculture pumps & loans for setting up compressed biogas plants included as fresh categories eligible for finance under priority sector:RBI https://t.co/nOBlJKWefV
— ANI (@ANI) September 4, 2020विज्ञापन
इस संदर्भ में आरबीआई ने कहा कि, छोटे व सीमांत किसानों और कमजोर तबके के लोगों के लिए जो लक्ष्य तय किया गया है, उसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जा रहा है।
पीएसएल से जुड़े नए दिशा-निर्देशों में प्रायोरिटी क्षेत्र के तहत कर्ज दिए जाने में क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने के प्रयास किए गए हैं। इसके साथ ही जिन जिलों में प्रायोरिटी क्षेत्र के तहत कर्ज का फ्लो अपेक्षाकृत रूप से कम है, उन्हें ज्यादा वेटेज दिया गया है।
वित्त मंत्री ने दिया बयान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि आरबीआई ने प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग से जुड़े दिशा-निर्देश किए हैं। इससे ऋण की कमी वाले क्षेत्रों में और क्रेडिट को सक्षम बनाया जाएगा। साथ ही ऋण की कमी वाले क्षेत्रों में और क्रेडिट को सक्षम बनाया जा सके, छोटे, सीमांत किसानों और कमजोर वर्गों को ऋण दिया जा सकेगा और नवीकरणीय ऊर्जा और स्वास्थ्य ढांचे में ऋण को बढ़ावा दिया जा सकेगा।
प्रायोरिटी क्षेत्र के तहत वित्त के लिए स्टार्टअप्स (50 करोड़ रुपये तक) के लिए बैंक फाइनेंस, सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए किसानों को ऋण और बायोगैस संयंत्रों की स्थापना के लिए कृषि पंप और ऋण योग्य हैं।