Kotak: कोटक महिंद्रा बैंक के अंतरिम एमडी के रूप में दीपक गुप्ता की नियुक्ति को RBI की मंजूरी, जानें डिटेल्स
Kotak: उदय कोटक ने अपना कार्यकाल पूरा होने से लगभग चार महीने पहले गत एक सितंबर को बैंक के एमडी और सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके पास बैंक में 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है। नियामकीय प्रावधानों के अनुरूप प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के कार्यकाल को 15 साल तक सीमित कर दिया गया है।
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने उदय कोटक के इस्तीफा देने के बाद कोटक महिंद्रा बैंक के अंतरिम प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में दीपक गुप्ता की नियुक्ति को सहमति दे दी है।
दीपक गुप्ता की नियुक्ति दो सितंबर से प्रभावी
कोटक महिंद्रा बैंक ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि आरबीआई ने सात सितंबर, 2023 को अपने पत्र के माध्यम से गुप्ता की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। उनकी नियुक्ति दो सितंबर, 2023 से दो महीने के लिए प्रभावी होगी। जानकारों का मानना है कि आरबीआई इस अवधि में बैंक के पूर्णकालिक एमडी की नियुक्ति को मंजूरी दे देगा।
कार्यकाल पूरा होने के चार महीने पहले ही उदय कोटक ने दिया इस्तीफा
उदय कोटक ने अपना कार्यकाल पूरा होने से लगभग चार महीने पहले गत एक सितंबर को बैंक के एमडी और सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके पास बैंक में 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है। नियामकीय प्रावधानों के अनुरूप प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के कार्यकाल को 15 साल तक सीमित कर दिया गया है। इसके बाद बैंक के निदेशक मंडल ने साल की शुरुआत में कोटक को उनका मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद गैर-कार्यकारी निदेशक नियुक्त करने का फैसला किया था।
एक जनवरी 2024 से नियमित सीईओ संभालेंगे कार्यभार
कोटक ने इस संदर्भ में एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कहा था, 'कोटक महिंद्रा बैंक में उत्तराधिकार का विषय मेरे लिए सबसे अहम है, क्योंकि हमारे चेयरमैन, मुझे और संयुक्त एमडी सभी को साल के अंत तक पद छोड़ना है। मैं इस विदाई को क्रम से शुरू करके सुचारु रूप से परिवर्तन सुनिश्चित करना चाहता हूं। मैं अब यह प्रक्रिया शुरू कर रहा हूं और स्वेच्छा से सीईओ पद से इस्तीफा देता हूं।' कोटक ने कहा था कि बैंक को प्रस्तावित उत्तराधिकारी के लिए आरबीआई की मंजूरी का इंतजार है, जो एक जनवरी 2024 से कार्यभार संभालेंगे।
38 साल पहले हुई थी कोटक महिंद्रा बैंक की शुरुआत
उन्होंने आगे कहा कि वह संस्थापक के रूप में ब्रांड कोटक से गहराई से जुड़े हुए हैं और वे गैर-कार्यकारी निदेशक और महत्वपूर्ण शेयरधारक के रूप में संस्थान की सेवा करना जारी रखेंगे। उन्होंने 38 साल पहले तीन कर्मचारियों के साथ कोटक महिंद्रा बैंक की शुरुआत की थी, जो आज एक प्रतिष्ठित बैंक और वित्तीय संस्थान है।