आंशिक क्रेडिट गारंटी योजना के तहत सरकारी बैंक खरीदेंगे 14667 करोड़ के NBFC बॉन्ड: वित्त मंत्री
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वित्त मंत्रालय ने बताया कि गैर-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFC) को लिक्विडिटी सपोर्ट देने के लिए आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत आंशिक क्रेडिट गारंटी योजना का पुर्नोत्थान किया गया था। इसमें एनबीएफसी द्वारा जारी एए व इससे निचली रेटिंग वाले बॉन्ड की सरकारी बैंकों द्वारा खरीदारी के लिए उन्हें 20 फीसदी पोर्टफोलियो गारंटी प्रदान करना शामिल था।
Partial Credit Guarantee Scheme revamped under #AatmanirbharBharat package to support the liability side of NBFCs by providing a 20% portfolio guarantee to Public Sector Banks for the purchase of Bonds/Commercial Papers rated AA and issued by NBFCs: Minister of Finance pic.twitter.com/KA6wFqJ12J
— ANI (@ANI) July 15, 2020
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कहा कि 10 जुलाई 2020 तक सरकारी बैंकों ने बढ़ी हुई आंशिक क्रेडिट गारंटी योजना (PCGS) के तहत 67 एनबीएफसी द्वारा जारी 14,667 करोड़ रुपये के बॉन्ड्स और वाणिज्यिक पत्रों को खरीदने की योजना को अनुमति दी है। 14,667 करोड़ रुपये में से 6,845 करोड़ रुपये एए से नीचे की रेटिंग वाले बॉन्ड्स और वाणिज्यिक पत्रों के लिए है। ये कम रेटिंग वाले बॉन्ड्स के साथ एनबीएफसी को लिक्विडिटी सपोर्ट प्रदान करेंगे।
वित्त मंत्री ने दिया ब्यौरा
वित्त मंत्री ने एनबीएफसी द्वारा जारी किए गए बॉन्ड्स व वाणिज्यिक पत्रों का क्षेत्रवार ब्यौरा दिया, जिसके अनुसार उत्तरी क्षेत्र में 12 एनबीएफसी के 3,060 करोड़ रुपये के बॉन्ड्स व वाणिज्यिक पत्र, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में तीन एनबीएफसी के 1,357 करोड़ के बॉन्ड व वाणिज्यिक पत्र, पश्चिमी क्षेत्र में 29 एनबीएफसी के 4,540 करोड़ रुपये के बॉन्ड्स और वाणिज्यिक पत्र और दक्षिणी क्षेत्र में 23 एनबीएफसी के 5,710 करोड़ रुपये के बॉन्ड व वाणिज्यिक पत्र शामिल हैं।